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हमें रोकना है तो कानून बना दो: भागवत

Sun, 21 Dec 2014 12:02 PM IST
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:02 PM IST
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rashtriya swayamsevak sangh chief mohan bhagwat statement in kolkata

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी के बाद भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने एक बार फिर हिंदूत्व के एजेंडे को हवा देने की कोशिश की है। शनिवार को कोलकाता में एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हिंदू समाज जाग रहा है। हिंदू को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा है कि जो लोग हमारे (हिंदू) धर्म से भटक गए हैं, उन्होंने वापस लाया जाएगा। अगर किसी को ये पसंद नहीं है तो इसके लिए कानून बनाया जाए।

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भागवत कोलकाता में एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन को विशाल विश्व हिंदू सम्मेलन का नाम दिया गय है। पाकिस्तान की राजनीतिक हालत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाक भी कभी भारत भूमि थी। लेकिन आप देखिए वहां हिंदू को खड़ा होने के लायक भी नहीं रखा गया है। आप ही बताइए पाकिस्तान सुखी है या दुखी?
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सम्मेलन में बैठे युवाओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि यहां बैठे जवानों की जवानी खत्म होने तक हिंदू राष्ट्र का निर्माण कर लिया जाएगा।

'जो भूले-भटके हैं उनको वापस लाया जाएगा'

rashtriya swayamsevak sangh chief mohan bhagwat statement in kolkata

धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर भागवत ने कहा हिंदू प‌रिवर्तन नहीं करता, लेकिन हिंदू को परिवर्तन नहीं करना चा‌हिए। हमें किसी को बदलना नहीं है। हिंदू कहता है कि परिवर्तन अंदर से होता है। उन्होंने कहा कि जो भूले-भटके हैं उनको वापस लाया जाएगा। लोग लालच और जो जबर्दस्ती से लूट लिए गए।

भागवत ने कहा कि हिंदू यहां किसी दूसरी जगह से घुसपैठ करके नहीं आए। ये हमारा हिंदू राष्ट्र है। दुनिया मे उल्टी-सीधी चर्चा करने वाले बहुत लोग है लेकिन हमें परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब-जब हिंदू समाज की उन्नति होती है, तब-तब दुनिया में सुख और शांति बढ़ती है।

माना जा रहा है कि भागवत के बयान से देश के वि‌भिन्न हिस्सों में संघ सम‌र्थित संगठनों द्वारा चलाए जा रहे धर्मातरण अभियानों को बल मिल सकता है।

मोदी ने संघ के एजेंडे पर जताई नाराजगी

rashtriya swayamsevak sangh chief mohan bhagwat statement in kolkata

भागवत इससे पहले भी कई मंचों से भारत को‌ हिंदू राष्ट्र बता चुके हैं। संघ के हिंदूत्व के एजेंडे से केंद्र सरकार की मुश्किलें जरूर बढ़ गई। धर्मांतरण के मुद्दे पर विपक्ष ने पिछले कई दिनों से राज्यसभा की कार्रवाही ठप कर रखी है। विपक्ष इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बयान देने की मांग कर रहा है।

खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संघ के एजेंडे पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने संघ नेताओं से ये तक कहा है कि सरकार को दो साल तक शांति से काम करने दिया जाए अन्यथा वह प्रधानमंत्री पद का मोह नहीं रखते। वह उसे छोड़ भी सकते हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा ने विकास के मुद्दे पर वोट मांगा था, लेकिन अब वो लव जिहाद और धर्मांतरण की बात कर रहे हैं। उन्हें यही करना था तो पहले बता देते। जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि पूरे मामले पर प्रधामंत्री की चुप्पी से मोहन भागवत जैसे लोगों को शह मिल रही है।

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