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'बलात्कारी' क्यों बना 'जमाई राजा'!

Tue, 17 Feb 2015 08:25 AM IST
संदीप साहू/बीबीसी हिंदी डॉटकॉम, भुवनेश्वर
संदीप साहू/बीबीसी हिंदी डॉटकॉम, भुवनेश्वर Updated Tue, 17 Feb 2015 08:25 AM IST
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Rape Victim Had To Marry With Rapist In Bhubaneswar

ओडिशा में बलात्कार की शिकार एक महिला ने हाल ही में अपने बलात्कारी से शादी कर ली। 28 जनवरी को हुई यह शादी अदालत के आदेश के अनुसार और भुवनेश्वर के झारपडा जेल के अंदर जेल अधीक्षक रबीन्द्रनाथ स्वाईं की देखरेख में हुई।

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शादी में लड़की के परिवार के लोग मौजूद थे, लेकिन दूल्हे के परिवारवाले इसमें शरीक नहीं हुए। इसलिए ख़ुद जेल अधीक्षक को दूल्हे के पिता की भूमिका निभानी पड़ी।
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शादी के बाद बाहर इंतजार कर रहे मीडिया के साथ बातचीत में राजश्री नाम की इस लड़की ने कहा,"जब मुझे तसल्ली हुई कि वे मेरा पूरा ख़याल रखेंगे, तभी मैं शादी के लिए राजी हुई।"
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अपने 'पति' दिलीप बेहेरा के खिलाफ चल रहे मुक़दमे के बारे में उन्होंने कहा कि वह उसे वापस ले लेंगी। पर जिस शख़्स के साथ पहली मुलाक़ात इतना कड़वा अनुभव दे गई हो उसके साथ जीवन बिताने को तैयार होने के क्या कारण थे?

सामाजिक जिल्लत

Rape Victim Had To Marry With Rapist In Bhubaneswar

जनवरी 2014 को दिलीप ने राह चलती राजश्री को लिफ़्ट देने के बहाने अपने ट्रक में बिठाया और एक सुनसान जगह ले जाकर उनसे बलात्कार किया था।

घटना के चार-पांच दिन बाद लड़की के पिता की ओर से दायर एफआईआर के तहत भुवनेश्वर के निकट चंदका पुलिस ने दिलीप को गिरफ़्तार कर लिया। लगभग एक साल बाद अपनी अनोखी शादी के तीन दिन बाद 31 जनवरी को आख‌िरकार दिलीप ज़मानत पर रिहा किए गए।

लड़की के पिता दैतारी नाटुआ ने बीबीसी से बातचीत में माना कि बलात्कारी के साथ अपनी बेटी की शादी करने के अलावा उनके पास कोई 'चारा' नहीं था। उन्होंने कहा,"उसकी पूरी ज़िंदगी नष्ट हो जाती। ऊपर से उसे और हम सभी को जीवन भर जिल्लत उठानी पड़ती।"

दिलीप के परिवार की ओर से शादी बहिष्कार के बारे में दैतारी कहते हैं, "जमाई को भरोसा है कि कुछ समय बाद उनका परिवार मेरी बेटी को बहू के रूप में स्वीकार कर लेगा और दोनों को घर वापस ले जाएगा।"

लेकिन क्या उन्होंने सोचा है कि आगे चलकर अगर दिलीप ने उनकी बेटी को ठुकरा दिया तो वे क्या करेंगे?

इस पर दैतारी ने पहले तो यह कहा कि अदालत ने उन्हें कहा है कि किसी भी तरह की समस्या होने पर कानून का दरवाजा खटखटाएं। लेकिन आगे वह कहते हैं "भगवान की जो मर्ज़ी। जब ऐसे हालत आएंगे तो झेलेंगे।"

पीड़िता का इंटरव्यू

Rape Victim Had To Marry With Rapist In Bhubaneswar

लड़की की मां से मैंने दो बार बात की। पहली बार 31 जनवरी की दोपहर फोन पर और फिर अगली सुबह आमने-सामने। लेकिन इन चंद घंटों में उनका बर्ताव इतना बदल गया था की मुझे लगा कि फोन पर मुझसे बात करने वाली महिला कोई और थीं।

शनिवार को एक औपचारिक रेडियो इंटरव्यू के लिए राजी हुई लड़की की मां ने रविवार सुबह इंटरव्यू के लिए साफ़ मना कर दिया। वजह पूछने पर उन्होंने कहा, "जमाई राजा नहीं चाहते कि मीडिया में हमारा कोई बयान आए।"

मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की कि अब तो शादी हो चुकी है। अब मीडिया में कुछ कहने से क्या फर्क पड़ने वाला है?

मैंने उन्हें यह भी याद दिलाया कि शादी के तत्काल बाद उनकी बेटी ने तमाम टीवी कैमरों के सामने बयान दिया था, लेकिन वे मेरी एक सुनने के लिए तैयार नहीं थीं।

लाचारी में कोई क्या करे?

Rape Victim Had To Marry With Rapist In Bhubaneswar

आख‌िर ऐसा क्या हो गया चंद घंटों में कि इंटरव्यू के लिए ख़ुद समय निश्चित कर घर बुलाने वाली लड़की की मां अब लड़की से बात कराना तो दूर खुद भी बात करने को तैयार नहीं हैं।

पता चला कि शनिवार देर शाम दिलीप को जमानत मिल गई और वह जेल से रिहा होकर लड़की के साथ उनके घर आ गए। लड़की की मां ने हमसे कहा कि लड़की और उनका पति एक रिश्तेदार के यहां गए हैं। लेकिन बाद में पता चला कि वे घर पर ही मौजूद थे।

पिता ने अपनी मजबूरी निसंकोच मान ली लेकिन मूक मां ने अपनी लाचारी दिखा दी थी। अब लड़की की मजबूरी देखिए। मामला क्योंकि पुलिस में जा चुका था, मीडिया में छप चुका था और लड़का गिरफ़्तार होकर जेल में था, इसलिए उसकी शादी लगभग असंभव थी।

अपने बलात्कारी को पति मानने के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था क्योंकि वह जानती थीं कि बलात्कार की शिकार महिलाओं को समाज किस नज़र से देखता है। दिलीप की परेशानी यह थी कि अगर वह लड़की से शादी न करते, तो उन्हें बलात्कार के नए कानून के तहत लंबी सजा होती।

अगर शादी के बाद सचमुच दिलीप का हृदय परिवर्तन हुआ है और वह राजश्री को सचमुच पत्नी का दर्ज़ा देता है तो यह एक अनोखा प्रेम बंधन है, लेकिन अगर दिलीप ने यह फैसला केवल जेल से छूट पाने के लिए लिया है तो राजश्री की संवरती ज‌िंदगी एक बार फिर बिखर जाएगी।

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