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ये कैसा नियम, रेप पीड़ित छात्रा को स्कूल से निकाला
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jan 2013 08:54 AM IST
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दिल्ली गैंगरेप के बाद भी यहां की पुलिस का संवेदनहीन रवैया खत्म नहीं हुआ है। राजधानी के सीलमपुर इलाके में सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के मामले में पुलिस अभी भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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वहीं दूसरी ओर आरोपी पीड़ित परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई।
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परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपियों की शह पर पीड़ित छात्रा को स्कूल से भी निकाल दिया गया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक रिजवान और एहसान नामक शख्स उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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उन्होंने जब इसकी शिकायत सीलमपुर थाने में की तो कुछ पुलिसकर्मी भी परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे। आरोपी और पुलिसकर्मी पीड़ित परिवार पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित छात्रा की मां के मुताबिक इससे पूरा परिवार दहशत में है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
बता दें कि शास्त्री पार्क इलाके में 15 वर्षीय लड़की से शानू नामक युवक ने रहीस, नाजिम और गुड्डो नाम की महिला की मदद से दुष्कर्म किया।
गर्भवती होने पर छात्रा का जबरन गर्भपात करा दिया गया। परिजनों ने 24 जनवरी को सीलमपुर थाने में मामले की शिकायत की। इसके बाद से परिवार को लगातार धमकी मिल रही है।
बहन से भी हुई थी छेड़छाड़
शास्त्री पार्क में दुष्कर्म की शिकार छात्रा की 16 वर्षीय बहन के साथ भी आरोपी नाजिम और रहीस ने छेड़छाड़ की थी। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले आरोपियों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। इसकी शिकायत पुलिस नियंत्रण कक्ष से की गई।
पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में घंटों बैठाकर रखा, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया। उलटा परिजनों पर राजीनामा करने का दबाव बनाया गया।
स्थानीय नेताओं ने भी आरोपियों के साथ मिलकर परिवार पर दबाव बनाया। आखिर परेशान होकर उन्हें सुलह करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों परिवारों के कहने पर ही राजीनामा करवाया गया था।