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पंचायत ने रेप पीड़िता को इंसाफ के बजाय दी मौत!

Thu, 18 Sep 2014 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पाकबड़ा (मुरादाबाद)
ब्यूरो/अमर उजाला, पाकबड़ा (मुरादाबाद) Updated Thu, 18 Sep 2014 11:24 AM IST
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rape victim died after marriage with rapist.

मुरादाबाद में पांच माह पहले पाकबड़ा के गांव शाहपुर डसर में बैठी एक पंचायत ने बलात्कार पीड़िता को इंसाफ के बजाए मौत दे दी। गांव में एक शादीशुदा अधेड़ ने युवती से बलात्कार किया था। जिसकी रिपोर्ट पीड़िता ने थाने में दर्ज करा दी थी। इसके बाद गांव में पंचायत बैठी, जिसमें पीड़िता का निकाह शादीशुदा आरोपी से करा दिया गया।

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लेकिन शादी के छह माह बाद ही मंगलवार रात को पीड़िता की ससुराल में मौत हो गई। युवती के घर वालों ने पति और सौतन समेत चार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हालांकि मौत की वजह हैंगिंग बताया गया है लेकिन युवती के पैर से लेकर सिर तक गंभीर चोटों के दस से ज्यादा निशान भी मिले हैं।

निकाह के बाद पीड़िता को प्रताड़ना

rape victim died after marriage with rapist.

पाकबड़ा थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर डसर में नसीम की 17 वर्षीय बेटी उमरा का अपहरण कर गांव के ही वसीम ने उसके साथ बलात्कार किया था। उमरा के भाई मोहम्मद हसन के मुताबिक इस मामले में पीड़िता की ओर से पाकबड़ा थाने में वसीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।

लेकिन इससे पहले कि पुलिस कोई एक्शन लेती गांव में पंचायत बैठी जिसमें पंचों ने वसीम को उमरा से निकाह करने और पीड़ित पक्ष को केस वापस लेने का हुक्म सुना दिया। पीड़िता और उसका परिवार इस फैसले से खुश नहीं था लेकिन पंचायत ने जबरन पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों के बाप वसीम से उमरा का निकाह करा दिया। वसीम भी उमरा को अपनाना नहीं चाहता था लेकिन जेल की सलाखों से बचने के लिए ऐसा करना उसकी मजबूरी बन गई थी। निकाह के बाद से ही वसीम ने उमरा को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

मंगलवार रात को भी उसे बेरहमी से पीटा गया। जिसमें उसके सिर और पैरों पर गंभीर चोटें लगीं। सुबह खबर आई कि पंचायत के हुक्म पर अपने ही बलात्कारी से निकाह करने वाली उमरा फांसी पर लटकी है। घटना के बाद ससुराल वाले फरार हो गए। उमरा के मायके वालों ने इस मामले में वसीम, उसकी पहली पत्नी शहनाज, जेठ मतीन और ससुर हाजी छिद्दा के खिलाफ उमरा की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

घटना के बाद पलायन कर गया था परिवार

rape victim died after marriage with rapist.

उमरा के साथ बलात्कार और पंचायत द्वारा उसी से निकाह कर देने का फैसला उमरा के परिवार वालों को मंजूर नहीं था। उमरा के भाई मोहम्मद हसन ने बताया कि जब उनकी बहन के साथ रेप हुआ और आरोपी उसे घर से जबरन उठा ले गए तो उन्होंने पुलिस से मदद मांगी थी। लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की।

हसन का कहना हैं कि गांव में नब्बे फीसदी आबादी वसीम की बिरादरी की है। मेरा अपनी बिरादरी का इकलौता घर था। जब उमरा से बलात्कार करने वाले वसीम के खिलाफ उन्होंने एफआईआर कराई तो गांव में बैठी पंचायत में सभी लोग आरोपी का ही पक्ष लेने वाले थे। वो विरोध करने के बाद भी अपनी बहन को इंसाफ नहीं दिला सके। पुलिस सुनने को तैयार नहीं थी।

उनकी नजरों के सामने जबरन उनकी बहन का निकाह उसी के साथ करा दिया गया जिसने उसके साथ रेप किया था। खुद को असहाय स्थिति में पा रहे उमरा के मायके वाले घटना के बाद गांव से पलायन कर गए और संभल के लुकंदी सराय में जा बसे।

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