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भारत में होते हैं रेप, इसलिए नहीं मिलेगा एडमिशन?

Mon, 09 Mar 2015 07:54 PM IST
Updated Mon, 09 Mar 2015 07:54 PM IST
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rape culture in india

भारत के एक छात्र को जर्मनी की लाइपजिग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने भारत में बलात्कार के मामले बढ़ने के चलते इंटर्नशिप देने से इनकार कर दिया। इस मामले पर विवाद बढ़ने से पहले ही भारत में जर्मनी के राजदूत मिषाएल श्टाइनर ने हरकत में आते हुए एक तीखी चिट्ठी लिखते हुए प्रोफेसर ऐनटे बेक-शिकिन्जर को फटकार लगाते हुए कहा कि भारत बलात्कारियों का देश नहीं है।

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बायॉकेमिस्ट्री संस्थान की प्रोफेसर शिकिन्जर ने भारतीय छात्र को यह कहते हुए इंटर्नशिप देने से इनकार कर दिया कि भारत में बलात्कार कल्चर की तरह है। उन्होंने अपने ईमेल का जवाब देते हुए यहां तक कह दिया था कि यूरोप में भी महिला शिक्षिकाएं भारतीय छात्रों को इंटर्नशिप देने से इंकार कर रही हैं।
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जर्मनी के राजदूत की चिट्ठी के बाद मांगी माफी

rape culture in india

हालांकि बाद में प्रोफेसर शिकिन्जर ने बाद में अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगी। जर्मन दूतावास की वेबसाइट के मुताबिक उन्होंने लिखा है कि मुझसे गलती हो गई है। जिस किसी की भावनाओं को मैंने आहत किया है, मैं उनसे माफी चाहती हूं।

गौरतलब है कि वर्ष 2012 के निर्भया वीभत्स बलात्कार मामले के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिसंक व्यवहार के प्रति लोगों का ध्यान है। बलात्‍कर भारत में एक गंभीर अपराध है। जैसेकि दूसरे देशों में है।

निर्भया कांड के बाद से ही बलात्कारियों के खिलाफ देश भर में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है। साथ ही बलात्कार से जुड़े मामलों में अदालतों में तेजी लाने की बात भी कही गई है।

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