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यूपी में भी है रानी मुखर्जी का घर!

Sun, 03 Aug 2014 11:48 AM IST
Updated Sun, 03 Aug 2014 11:48 AM IST
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rani mukherjee's home in jhansi

पुरखों की जमीन से भले ही कोई दूर देश चला जाए पर पैतृक गांव की स्मृतियां कभी न कभी फिर उसे अपनी माटी की ओर खींच लाती हैं। फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी और झांसी शहर के बीच भी कुछ ऐसा ही रिश्ता है।

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रानी के दादा शशधर मुखर्जी की काली बाड़ी स्थित हवेली अब भले ही इस्कॉन मंदिर में तब्दील हो चुकी हो पर उसकी यादें आज भी मुखर्जी परिवार के दिलो दिमाग में बसतीं हैं।
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नब्बे के दशक में करीब तीन बार अपने पिता फिल्म निर्माता राम मुखर्जी व गायिका मां कविता मुखर्जी के साथ रानी मुखर्जी कालीबाड़ी में आयोजित होने वाले बांधव समिति के नवदुर्गा महोत्सव में आ चुकीं हैं।

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तब झांसी में रानी ने मचाया था धमाल

rani mukherjee's home in jhansi

हवेली में मौजूद कुलदेवी मां जगदात्री के मंदिर से लेकर पिता राम मुखर्जी ने झांसी की हवेली में गुजारे अपने बचपन के जो किस्से रानी को सुनाए, वे उन्हें आज भी रोमांचित करते हैं।

1993 में झांसी कालीबाड़ी में रहने वाले अपने मामा सिद्धार्थ चटर्जी के घर रानी एक शादी समारोह में आई थीं, उस समय बैंडबाजों के साथ निकली बारात में शहर के मिनर्वा चौराहे पर उन्होंने अपने भाई राजा के साथ खूब धमाल मचाया था, पर उस समय रानी फिल्म स्टार नहीं थीं, इसलिए लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र नहीं रहीं।

बाद में जब वे स्टार बनीं तो वही शादी के वीडियो फुटेज नाते रिश्तेदारों के लिए एक दस्तावेज बन गए। रानी मुखर्जी आखिरी बार 1997 में झांसी आई थीं, इसके बाद फिल्मों की व्यस्तता के चलते वे कई बार मन बनाने के बाद भी यहां नहीं आ सकीं।

झांसी आकर एक पंथ दो काज करेंगी रानी

rani mukherjee's home in jhansi

सूत्रों की मानें तो रानी यहां एक पंथ दो काज करना चाहतीं हैं, फिल्म के प्रमोशन के साथ अपनी शादी के बाद कुल देवी जगदात्री देवी के भी दर्शन कर जाएंगी।

कालीबाड़ी में रहने वाले शशधर मुखर्जी अपने दूर के रिश्तेदार फिल्म अभिनेता अशोक कुमार के कहने पर साठ के दशक में झांसी से मुंबई अपनी किस्मत आजमाने गए थे। यहां फिल्म निर्माण व फाइनेंस के क्षेत्र में उन्होंने खूब नाम कमाया, पर उनका झांसी प्रेम नहीं छूटा।

उन्होंने 1970 में देवानंद व माला सिन्हा को लेकर फिल्म लव मैरिज बनाई। इसमें मुखर्जी परिवार की झांसी स्थित हवेली, बीआईसी कालेज व मैदान के अलावा रेलवे स्टेशन पर फिल्मांकन किया गया था। बांबे टू गोवा में भी रानी लक्ष्मी बाई पार्क के दृश्य फिल्माए गए थे।

फिल्मों में मुकाम बनने के बाद दूसरी पीढ़ी में जॉय मुखर्जी, देव मुखर्जी व राम मुखर्जी ने और तीसरी पीढ़ी में रानी मुखर्जी तथा शशधर के भाई सुबोध मुखर्जी की पोती काजोल जैसी अभिनेत्रियों ने इस परिवार की ख्याति को फिल्मी आकाश में बुलंदियों पर पहुंचाया।

लंबे समय बाद 'मर्दानी' में दिखेंगी रानी

rani mukherjee's home in jhansi

फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी अपनी आने वाली फिल्म 'मर्दानी' का प्रमोशन करने इस सप्ताह झांसी आएंगी। वह झांसी में अनेक स्थानों पर जाएंगी। रानी बीस साल बाद झांसी आ रही हैं। इससे पहले वह अपने एक रिश्तेदार की शादी में पिता के साथ झांसी आईं थीं।

फिल्म 'मर्दानी' रानी मुखर्जी के फिल्मी सफर का भी अहम पड़ाव है। 'अइया' के बाद रानी लंबे समय बाद 'मर्दानी' में नजर आएंगी। फिल्म 22 अगस्त को रिलीज होने जा रही है।

फिल्म के प्रमोशन के लिए रानी के झांसी आने के पीछे कुछ खास वजह हैं। फिल्म का टाइटल मर्दानी झांसी की रानी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई से मेल खाता है।

सुभद्रा कुमारी चौहान की रचना 'खूब लड़ी मर्दानी...' में रानी लक्ष्मीबाई को मर्दानी की उपमा दी गई थी। इसके अलावा जो सबसे अहम वजह है, वह यह है कि झांसी रानी मुखर्जी का गृह जनपद भी है।

सैंयर गेट अंदर फूटा चौपड़ा मुहल्ले में आज भी उनके रिश्तेदार रहते हैं। रानी के पिता राम मुखर्जी का जन्म झांसी में ही हुआ था। रानी के झांसी आने के कार्यक्रम को पूरी तरह से गोपनीय रखा जा रहा है। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगने दी जा रही है। उनकी टीम के कुछ सदस्य झांसी आकर रानी के कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर चुके हैं।

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