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लैकफेड घोटालाः रंगनाथ मिश्र और चन्द्रदेव फरार घोषित‌

लखनऊ/ब्यूरो

Updated Fri, 23 Nov 2012 11:29 AM IST
ranganath misra and chandradev declare absconding in laccfed scam
लैकफेड घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्रियों रंगनाथ मिश्र और चन्द्रदेव राम को फरार घोषित करने का आदेश कर दिया गया है। जिला न्यायधीश केके शर्मा ने विवेचक की अर्जी पर आरोपियों के खिलाफ 82 आईपीसी के तहत यह आदेश जारी किया है।
वहीं इस घोटाले में नोटिस को तामील करने के लिए पुलिस कोआपरेटिव सेल की स्पेशल जांच टीम (एसआईबी) को आजमगढ़ और संत रविदास नगर भेज दिया गया है। कोआपरेटिव सेल सोमवार को फरार घोषित लैकफेड के पूर्व अध्यक्ष सुशील कटियार और पूर्व एमडी बीपी सिंह के खिलाफ कुर्की के आदेश कोर्ट से लेगी।

इससे पहले मामले की जांच कर रही पुलिस कोआपरेटिव सेल की विशेष जांच शाखा के विवेचक ने कोर्ट में पूर्व मंत्रियों रंगनाथ मिश्रा और चन्द्रदेव राम के खिलाफ फरार घोषित करने का आदेश जारी करने की मांग वाली अर्जी दी थी। विवेचक का कहना था कि दोनों पूर्व मंत्री लैकफेड घोटाले में वांछित हैं और दोनों आरोपी अपने संभावित ठिकानों से फरार चल रहे हैं।

साथ ही उनका मोबाइल भी बंद है। इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करना जरूरी है नहीं तो साक्ष्य नष्ट होने की संभावना है। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ फरार घोषित करने के आदेश कर दिए।

इसके एक महीने बाद तक भी अगर पूर्व मंत्री नहीं मिले तो उनकी कुर्की का आदेश 83 आईपीसी की धारा के तहत लिया जाएगा। कोआपरेटिव सेल ने पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र और लघु उद्योग मंत्री चन्द्रदेव राम को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आए। इसके बाद से वह गायब चल रहे हैं।

पुलिस कोआपरेटिव सेल ने इन मंत्रियों के खिलाफ कई सुबूत भी इकट्ठा कर लिए हैं। लेकिन मंत्री सामने नहीं आ रहे हैं। इनके विदेश भाग जाने की भी आशंका लग रही है।

गड़बड़ी के हैं आरोप
जांच में पता चला है कि पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने 16 करोड़ रुपए का काम 25 उच्च प्राथमिक विद्यालय और नवोदय विद्यालयों में साइन बोर्ड लगाने के लिए लैकफेड को दिया था। इसके एवज में उन पर पैसा लेने का आरोप है।

वहीं लैकफेड के पीआरओ प्रवीण सिंह ने पुलिस कोआपरेटिव सेल को पूछताछ में आरोप लगाया था कि पूर्व लघु उद्योग मंत्री चन्द्रदेव राम ने निर्माण कार्य का ठेका देने के एवज में दो करोड़ रुपए लिए थे। इनमें से 38 लाख रुपए ही वापस हो पाए थे। बाकी पैसा पूर्व मंत्री ने वापस नहीं किया था।

इसके अलावा लैकफेड के पूर्व अध्यक्ष और घोटाले के सूत्रधार सुशील कटियार और पूर्व एमडी बीपी सिंह का भी पता पुलिस कोआपरेटिव सेल नहीं लगा पा रही है। इन दोनों की तलाश में कानपुर, लखनऊ, बांदा और गाजियाबाद में छापे भी मारे जा चुके हैं।
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