पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री याकूब खान के दिल में बसा था रामपुर
पाकिस्तान की सियासत और फौज में सर्वोच्च पदों पर रहे साहबजादा याकूब खान (तस्वीर में दाएं सफेद कुर्ते में) के दिल में रामपुर बसता था। वह रामपुर रियासत के मुख्यमंत्री रहे सर अब्दुस समद खान के बेटे और राजमाता रफत जमानी बेगम के भाई थे।
उनका इंतकाल 26 जनवरी की रात पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो गया। उनकी उम्र 95 वर्ष थी। उनके इंतकाल पर विधायक नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने गहरे गम का इजहार किया है।
साहबजादा याक़ूब अली ख़ान का जन्म रामपुर में 23 दिसम्बर 1920 को हुआ था। विधायक नवाब काजिम अली खान के रिश्ते में दादा साहबजादा याकूब अली ख़ान सात अलग-अलग सरकारों में पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे।
इसके अलावा वह पाकिस्तानी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल और स्टाफ चीफ थे। अमेरिका और फ्रांस समेत कई मुल्कों में वह पाकिस्तान के राजदूत भी रहे। साहबजादा याकूब खान आगा खान यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष थे। वो पाकिस्तान के साथ-साथ ब्रिटिश और भारतीय नागरिक भी थे।
रामपुर से थी बेहद मोहब्बत
नवाब काजिम अली खान उन्हें %अंकल याक़ूब% कहते थे। अगस्त 2013 में इस्लामाबाद की डिफेन्स कॉलोनी स्थित आवास पर नवाब काजिम अली खान ने जब उनसे मुलाकात की तो विधायक के पीआरओ काशिफ खान और प्रतिनिधि सनी खान भी साथ थे।
खुशमिजाज अंकल याक़ूब ने सबके साथ तस्वीरें खिंचवायी थीं। तब वह सेहतमंद थे। विधायक नवाब काजिम अली खान ने बताया कि उन्हें रामपुर से बेहद मोहब्बत थी। वह रामपुर आना भी चाहते थे।
अंकल याक़ूब को नवाब काजिम अली खान के वालिद पूर्व सांसद नवाब जुलि्फ़कार अली खान %मिक्की मियां% और वालिदा बेगम नूरबानो से भी बेहद लगाव था।
नवेद मियां के मुताबिक साहबजादा याक़ूब अली खान का इंतक़ाल रामपुर के नवाब घराने का जाति नुकसान है। इसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।