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जनता परिवार के विलय पर रामगोपाल ने उठाए सवाल

Mon, 11 May 2015 07:43 AM IST
Updated Mon, 11 May 2015 07:43 AM IST
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ramgopal yadav raise question on new jantal dal

जनता परिवार के छह दलों ने भले ही अपने विलय का पिछले दिनों औपचारिक ऐलान कर दिया हो लेकिन इसका मूर्त रूप लेना फिलहाल मुश्किल ही दिख रहा है। इसके संकेत सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने दिए हैं।

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रामगोपाल का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह विलय संभव नहीं है और अभी ऐसा कोई भी कदम सपा के लिए डेथ वारंट साबित होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से विलय की प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस बीच सपा नेता के बयान पर जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि विलय पहले ही हो चुका है और इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार सिर्फ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह को है।
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सपा नेता ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली राजद और नीतीश कुमार की जदयू के लिए यह बेहतर विकल्प होगा कि वे विधानसभा चुनाव आपस में सीटों का बंटवारा कर लड़ें क्योंकि यदि अभी विलय होता है तो दोनों पार्टियों को अपना चुनाव चिह्न गंवाना पड़ेगा और इससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी।
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रामगोपाल ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के चलते बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विलय संभव नहीं है। यदि जल्दबाजी में हम विलय कर लेते हैं तो यह हमारी खुद की पार्टी के लिए डेथ वारंट साबित होगा।

सपा के अंदर विलय के खिलाफ सुर

ramgopal yadav raise question on new jantal dal

सपा महासचिव के इस बयान को मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली पार्टी के अंदर विलय को लेकर असहमति के तौर पर देखा जा रहा है। कई सपा नेताओं का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वहां की प्रमुख पार्टियों जदयू और राजद के साथ विलय से उत्तर प्रदेश आधारित हमारी पार्टी को कोई फायदा नहीं होने वाला है।

पिछले महीने छह दलों ने आपस में विलय का ऐलान किया था और नई पार्टी के प्रमुख के तौर पर मुलायम के नाम की घोषणा की गई थी। रामगोपाल के इस बयान को सपा के अंदर विलय के खिलाफ सुर के तौर पर देखा जा रहा है।

साथ ही उनका बयान इस संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है कि ऐसी चर्चाएं हो रही है कि राज्यसभा में उनकी जगह पर जदयू अध्यक्ष शरद यादव को नई पार्टी का नेता बनाया जा सकता है। सपा नेता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू प्रमुख शरद यादव ने कहा कि छह दलों का हमारा विलय पहले ही हो चुका है।

विलय के बारे में जो कुछ पूछना है मुलायम सिंह जी से पूछिए क्योंकि उन्हें नई पार्टी का प्रमुख बनाया गया है और वही विलय के संदर्भ में बोलने का अधिकार सिर्फ उन्हीं को है। विलय को लेकर सपा के अंदर से विरोध के सुर के अलावा बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारों को लेकर जदयू और राजद के बीच भी मतभेद हैं।

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