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टॉयलेट के मुद्दे पर अब नहीं दिखेंगे रमेश के तीखे तेवर

Sun, 28 Oct 2012 07:41 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 28 Oct 2012 07:41 PM IST
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Ramesh's defiance will not appear on of the issue toilet

देश में खुले में शौच के खिलाफ तीखे तेवर अपनाने वाले जयराम रमेश का अभियान अंजाम तक पहुंचने से पहले ही थम गया। कैबिनेट में फेरबदल के बाद उनसे यह पोर्टफोलियो वापस ले लिया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पेयजल व सफाई मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भरत सिंह सोलंकी को सौंप दिया है।

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ग्रामीण विकास मंत्री रमेश को पिछले साल जुलाई में यह प्रभार सौंपा गया था क्योंकि गुरुदास कामत ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। अपने कार्यकाल के दौरान शुरू हुए ‘निर्मल भारत अभियान’ के दौरान जयराम रमेश के तीखे तेवर भी काफी चर्चा में रहे।
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कभी उन्होंने कहा कि ‘देश में टॉयलेट से ज्यादा मंदिर हैं’ तो कभी कहा, ‘महिलाएं मोबाइल की मांग करती हैं, टॉयलेट की नहीं।’ उनकी इन टिप्पणियों की काफी आलोचना भी हुई। यहां तक उनकी मां भी उनसे नाराज हो गईं। रमेश ने महिलाओं को यह भी सलाह दी थी कि वह उस घर में शादी नहीं करें, जहां पर टॉयलेट न हो।
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रमेश ने उम्मीद जताई है कि भरत सिंह सोलंकी उनके अभियान को अंजाम तक पहुंचाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि मेरे दोस्त भरत सिंह सोलंकी पिछले एक साल में शुरू हुए विभिन्न अभियानों का विस्तार करेंगे और उन्हें सफल बनाएंगे।’

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