रामदेव ने किया पदम पुरस्कार लेने से 'इंकार'
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योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकार द्वारा संभावित रूप से दिया जाने वाला पदम विभूषण पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया है। रामदेव ने बकायदा इसके लिए गृहमंत्रालय को पत्र लिखकर उन्हें पदम पुरस्कार न देने की अपील की है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह को लिखी एक पेज की चिट्टी में रामदेव ने खुद को एक संन्यासी बताते हुए पदम पुरस्कार किसी अन्य योग्य व्यक्ति को देने की अपील की है। वहीं उन्होंने इशारों-इशारों में मीडिया पर उन्हें पुरस्कार देने के मामले को विवादित बनाने का आरोप भी मढ़ दिया है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि उन्हें कई समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों से पता चला है कि उन्हें सरकार पदम पुरस्कार देने वाली है। इसलिए वह खुद को इस लायक नहीं समझते।
कहा, मीडिया में सुना सरकार देने वाली है सम्मान
हालांकि यह बात और है कि अभी तक सरकार ने पदम पुरस्कारों की घोषणा नहीं की है उससे पहले ही रामदेव ने अपनी तरफ से केन्द्र सरकार को चिट्टी लिखकर एक तरह से दबाव बना दिया है। बता दें कि पदम पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को होती है।
पदम विभूषण को भारत रत्न के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है। पदमश्री, पदम भूषण और पदम विभूषण के लिए लोगों का चयन कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक कमेटी करती है।
यह पुरस्कार तीन श्रेणियों 'पदम विभूषण' असाधारण एवं विशिष्ट सेवा, 'पदम भूषण' उत्कृष्ट कोटि की विशिष्ट सेवा एवं 'पदमश्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार मार्च या अप्रैल महीने में राष्ट्रपति के द्वारा दिए जाते हैं।
Baba Ramdev writes to Home Minister, humbly refuses to accept the Padma Vibhushan pic.twitter.com/wN1sKWZZmU
— ANI (@ANI_news) January 24, 2015