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रामदेव के 'कपालभाती' ने बढ़ाई बीजेपी की परेशानी!

Wed, 10 Jul 2013 04:37 PM IST
नई दिल्ली/विनोद अग्निहोत्री
नई दिल्ली/विनोद अग्निहोत्री Updated Wed, 10 Jul 2013 04:37 PM IST
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ramdev is asking election tickets from bjp

अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को समर्थन देने और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनवाने में जुटे योग गुरु बाबा रामदेव अब भाजपा पर अपने खास चेलों और समर्थकों को टिकट देने का दबाव बना रहे हैं।

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बाबा ने भाजपा नेतृत्व से साफ कह दिया है कि वह हर हालत में कांग्रेस को सत्ता से हटाना चाहते हैं इसलिए अलग पार्टी न बनाकर भाजपा को समर्थन देंगे।

उन्होंने शर्त रखी है कि इस साल के आखिर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनावों में कुछ सीटों पर रामदेव की सूची के उम्मीदवारों को भाजपा टिकट दे।
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यह जानकारी देने वाले सूत्रों का कहना है कि रामदेव को नरेंद्र मोदी की तरफ से पूरा आश्वासन है। अकेले राजस्थान में रामदेव कम से कम 25 विधानसभा सीटों और पांच लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को भाजपा से टिकट दिलाना चाहते हैं।
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वसुंधरा ने किया बाबा का विरोध

हांलाकि राजस्थान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इसके लिए तैयार नहीं हैं इसलिए रामदेव ने वसुंधरा के धुर विरोधी पूर्व मंत्री और राजस्थान में भाजपा के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी से हाथ मिला लिया है।

मोदी से मिला बाबा को आश्वसन
17 जून को राजस्थान के सीकर जिले के शाकुंभरी देवी के मंदिर क्षेत्र में तिवाड़ी ने एक विशाल रैली आयोजित की थी, जिसमें बाबा रामदेव भी शामिल हुए थे। बताया जाता है कि जयपुर से सड़क मार्ग से तिवाड़ी के साथ पूरे रास्ते रामदेव ने उनसे सियासी बातचीत की।

सूत्रों के मुताबिक हरिद्वार में नरेंद्र मोदी जब रामदेव के पतंजलि विश्वविद्यालय के समारोह में गए थे, तब योग गुरु ने उनसे इस संबंध में बात की थी।

रामदेव ने साफ कहा था कि वह अलग राजनीतिक दल इसलिए नहीं बनाएंगे ताकि कांग्रेस विरोधी मतों का बंटवारा न हो, लेकिन इसके बदले में उनके कुछ उम्मीदवारों को भाजपा को अपना उम्मीदवार बनाना होगा।

मोदी ने रामदेव को इसका भरोसा दिया कि वह भाजपा नेतृत्व को इसके लिए राजी कर लेंगे।

वसुंधरा के लिए बढ़ रहा खतरा
जब यह बात आगे बढ़ी तो वसुंधरा ने साफ कर दिया कि वह राजस्थान में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में रामदेव को कोई हिस्सेदारी नहीं देंगी। इससे नाराज रामदेव ने तिवाड़ी को अपना आशीर्वाद दे दिया।

बताया जाता है कि तिवाड़ी पर ऐसी ही दूसरी रैली करने का दबाव है। जबकि वसुंधरा नहीं चाहती हैं कि घनश्याम तिवाड़ी अपनी अलग रैली करके खुद को उनके समानांतर खड़ा करें।

सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा नेताओं का एक खेमा चाहता है कि पार्टी वसुंधरा या किसी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किए बिना चुनाव लड़े और फिर विधायकों की राय से मुख्यमंत्री का फैसला हो।


संघ के कुछ प्रमुख नेताओं की भी यही राय है और भाजपा के कुछ बड़े नेताओं का निजी बातचीत में कहना भी है कि हमें राजस्थान में किसी व्यक्ति की नहीं भाजपा की सरकार बनानी है।

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