रामदेव की 'हरकत' से मोदी के मिशन पीएम को झटका!
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बाबा रामदेव हाल ही में दिए विवादित बयानों से मोदी को पीएम बनाने की अपनी ही मुहिम को पलीता लगाते दिख रहे हैं।
रामदेव के बयानों से बीजेपी असहज महसूस कर रही है और उससे रामदेव के बयानों पर जवाब देते नहीं बन पा रहा है। हाल ही में बाबा रामदेव ने राहुल गांधी को लेकर जो टिप्पणी की है उससे दलित समाज नाराज हो गया है।
ऐसे मौके पर जब बीजेपी यूपी में दलितों को अपनी तरफ लुभाने की कोशिश कर रही थी, रामदेव के बयान ने इस मुहिम को झटका दिया है। रामदेव के खिलाफ दलितों के गुस्से ने बीजेपी नेताओं को परेशान कर दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने तो साफ कहा है कि बाबा रामदेव को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए।
क्या कहा था रामदेव ने
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था राहुल गांधी हनीमून और पिकनिक मनाने दलितों के घर जाते हैं।
रामदेव के इस बयान से दलित समाज उबाल पर है और रामदेव के खिलाफ चुनाव आयोग ने सख्ती बरतते हुए 16 मई तक लखनऊ में उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है।
हालांकि रामदेव ने अपने बयान पर माफी मांग ली है लेकिन दलित समाज का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बाबा रामदेव का कहना है कि उनकी मंशा राहुल गांधी और दलितों के अपमान की नहीं थी।
उनका कहना है कि राहुल गांधी दलितों के साथ फोटो खिंचवाकर अपनी पब्लिसिटी कर रहे हैं। रामदेव के बयान से गुस्साई मायावती ने बाबा रामदेव की बिना वक्त बर्बाद किए तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
क्या था बीजेपी का दलित एजेंडा?
उत्तरप्रदेश में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए बीजेपी की योजना बचे हुए इलाकों खासकर बुंदेलखंड में गैरजाटव दलितों में पैठ बनाने की थी।
मोदी के पीएम मिशन को अमलीजामा पहनाने के लिए यूपी के प्रभारी बनाए गए अमित शाह वाल्मीकि, खटीक जैसी जातियों को अपने तरफ करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे थे।
अब राजनीतिक विश्लेषक ऐसा मान रहे हैं कि रामदेव के बयान से नाराज दलित एक बार फिर मायावती की तरफ एकजुट हो रहे हैं।
बुंदेलखंड इलाके में जहां अगले चरण में मतदान होना है मायावती की बहुजन समाज पार्टी एक बड़ी ताकत है।
यहां दलित वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए मोदी की झांसी में रैली भी कराई गई लेकिन लगता है रामदेव के बयान से दलितों में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी की फैल गई है। मायावती को रामदेव ने बीजेपी के खिलाफ आक्रामक होने का एक और हथियार दे दिया है।
पंजाब में रामदेव के खिलाफ बवाल
अकेले यूपी ही नहीं पंजाब और अन्य इलाकों के दलित भी रामदेव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
बसपा के मिशनरी कार्यकर्ताओं और दलित समाज के विभिन्न संगठनों ने रमनजीत लाली के नेतृत्व में रोष मार्च निकाल जालंधर बाईपास चौक में बाबा रामदेव का पुतला फूंका।
बाबा रामदेव की ओर से दलितों पर अपमानजनक बयान से खफा प्रर्दशनकारियों ने रामदेव के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।
प्रर्दशनकारियों को संबोधित करते मिशनरी नेता रमनजीत लाली ने कहा कि रामदेव भाजपा के इशारे पर दलितों का अपमान कर रहे हैं। इसे दलित समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे बाबा रामदेव पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करें।
रामदेव की ओर से विवादस्पद बयान पर माफी मांगे जाने को नाकाफी बताते हुए कहा कि बाबा पर एससी/एसटी एक्ट तहत केस दर्ज होने तक दलित समाज संघर्ष जारी रखेगा। बाबा को लुधियाना आने पर काले झंडे दिखाकर विरोध जताएगा।
चुनाव आयोग ने भी कसा शिकंजा
कांग्रेस उपाध्यक्ष्ा राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज होने के अलावा उन पर लखनऊ आने पर 16 मई तक रोक लगा दिया गया है।
बाबा पर प्रशासन ने रामदेव के लखनऊ आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 171 जी के तहत महानगर कोतवाली में केस दर्ज कराया।
इससे पहले रामदेव ने वडोदरा में अपने बयान पर खेद भी जताया था। चुनाव आयोग ने उन्हें शालीनता बरतने की सलाह दी है।