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'गोली न चलाते तो भीड़ हमें जान से मार देती'

Fri, 19 Jul 2013 12:31 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 19 Jul 2013 12:31 AM IST
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Ramban BSF camp attack: BSF said his reaction

जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में की गई गोलीबारी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने आत्मरक्षा में मजबूरी वश उठाया गया कदम बताया है।

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पूरी घटना पर अपना पक्ष रखते हुए बीएसएफ ने कहा है कि सैकड़ों लोगों की भीड़ जब बेकाबू हो कर कैंप में घुसने लगी, तब उसके पास बल प्रयोग के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।

पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए बीएसएफ ने कहा है कि समझाने और मामले को शांत करने के सभी प्रयास असफल होने के बाद ही हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उसे मजबूरी में गोलियां करनी पड़ी।
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इस बारे में बयान जारी कर बीएसएफ ने घटना के कारणों को भी सामने रखा है।

बीएसएफ मुख्यालय से जारी इस बयान में कहा गया है कि बृहस्पतिवार तड़के लगभग पांच बचे बीएसएफ के एक गश्ती दल ने 25 वर्षीय मोहम्मद लतीफ (पुत्र मुस्तफा, निवासी डलवाह) को रोका और उससे पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा।
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वापसी के क्रम में उसी जगह पर लतीफ ने 15-20 लोगों को इकट्ठा कर गश्ती दल को रोक लिया। इस दौरान उक्त युवक ने गश्ती दल के सदस्यों पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया।

इसी बीच स्थानीय मस्जिद से गश्ती दल पर मुसलमानों के धर्म ग्रंथ का अपमान करने की गलत घोषणा की जाने लगी। इस कारण वहां भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई, जो स्थानीय बीएसएफ कैंप को घेर कर पत्थरबाजी करने लगी।
हंगामा बढ़ता देख बीएसएफ ने स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। स्थानीय पुलिस के मोर्चे बंदी के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ अचानक छंट गई।

बयान के मुताबिक थोड़ी ही देर बाद सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग फिर से इकट्ठा हुए और बीएसएफ कैंप में घुसने की कोशिश करने लगे।

इस दौरान बीएसएफ के वाहनों में आगजनी की गई और पत्थरबाजी भी लगातार जारी रही। स्थिति संभलते न देख स्थानीय पुलिस ने तीन से चार राउंड फायरिंग की।

फायरिंग में कुछ स्थानीय लोगों के अलावा बीएसएफ का एक जवान रामहरि भी घायल हो गया। इसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे लगभग एक हजार लोगों की उग्र भीड़ एक बार फिर कैंप के सामने इकट्ठा हो गई।


उग्र भीड़ ने फिर से आगजनी और पत्थरबाजी कर कैंप में घुसने का प्रयास किया। स्थिति भयावह हो जाने के बाद थक हार कर स्थिति को नियंत्रण में लाने और आत्मरक्षा करने के लिए बीएसएफ को गोलीबारी करनी पड़ी।

बयान में गश्ती के दौरान किसी से बदतमीजी करने के आरोपों का खंडन किया गया है।

केंद्र ने दिए जांच के आदेश

नई दिल्ली (ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

पूरी घटना पर अफसोस जताते हुए शिंदे ने कहा कि घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है।

जांच रिपोर्ट में अगर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग या गैर जिम्मेदारी दिखाने जैसी शिकायत पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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