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घर के 'चिराग' ने दिखाई पासवान को राह

Fri, 28 Feb 2014 12:52 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Feb 2014 12:52 PM IST
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Ram Vilas Paswan rejoins NDA, LJP to contest seven Lok Sabha seats

बिहार की राजनीति में अपनी खोयी हुई जमीन तलाश रहे दलित नेता रामविलास पासवान को आखिरकार भाजपा का सहारा मिल ही गया।

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लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान एक लंबे अरसे से अपने बेटे चिराग पासवान को बिहार की सियासत में स्थापित करना चाहते थे।

बेटा भी भाजपा के साथ चुनाव मैदान में जाने का पक्षधर था, लिहाजा राजनीति मजबूरी और बेटे की जिद्द के कारण बड़े पासवान ने 12 साल बाद एकबार फिर एनडीए में शामिल होने में ही अपनी और पार्टी की भलाई समझी।

बिहार में 14 फीसदी वोटों पर नजर

Ram Vilas Paswan rejoins NDA, LJP to contest seven Lok Sabha seats

दरअसल, 12 साल पहले जिस नरेंद्र मोदी को लेकर रामविलास पासवान ने एनडीए से बगावत की थी, आज उसी मोदी में रामविलास पासवान को कोई बुराई नजर नहीं आ रही है। कारण भी साफ है कि पिछले कुछ सालों से पासवान की राजनीतिक जमीन दरकती जा रही थी।

रामविलास पासवान देश के बड़े दलित नेताओं में से एक हैं और बिहार में पासवान जाति की आबादी करीब 4 फीसदी है। वहीं, बिहार के दलित और महादलितों को मिला दे तो कुल वोट बैंक 14 फीसदी है।

पासवान अपने क्षेत्र में मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं, सबसे ज्यादा अंतर से चुनाव जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी सबसे पहले राम विलास पासवान ने ही बनाया।

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क्या खोई हुइ राजनीतिक जमीन वापस मिलेगी?

Ram Vilas Paswan rejoins NDA, LJP to contest seven Lok Sabha seats

राम विलास पासवान बिहार के दुसाद जाति के हैं, जो दलित में आती है। यही कारण है कि उनका दलित वोटबैंक बहुत मजबूत माना जाता है। लिहाजा, भाजपा को तो फायदा मिलेगा ही, पासवान को भी बिहार में अपनी खोई हुइ राजनीतिक जमीन वापस मिल सकती है।

बिहार में लोकसभा की 40 सीट है। भाजपा-लोजपा गठबंधन में हुए समझौते के तहत लोक जनशक्ति पार्टी बिहार के 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, मुंगेर, वैशाली, खगड़िया, और नालंदा संसदीय सीटों पर पासवान की पार्टी चुनाव लड़ेगी।

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सात में 4 सीट पर सगे-संबंधी

Ram Vilas Paswan rejoins NDA, LJP to contest seven Lok Sabha seats

इसमें रामविलास पासवान अपनी पुरानी पारंपरिक सीट हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि उनके बेटे चिराग पासवान जमुई से चुनाव लड़ेंगे। चिराग पासवान लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।

वहीं, बड़े पासवान के भाई रामचंद्र पासवान समस्तीपुर से और बिहार के बाहुबली नेता सुरज भान सिंह के भाई चंदन सिंह मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। वैशाली से वरिष्ठ नेता रामा सिंह चुनाव लड़ सकते है।

अवसरवादी रहें है रामबिलास पासवान

Ram Vilas Paswan rejoins NDA, LJP to contest seven Lok Sabha seats

ग़ौरतलब है कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों के बाद रामबिलास पासवान ने भाजपा नीत राजग को छोड़ दिया था। पासवान उस समय राजग के हिस्सा थे और केंद्र में वाजपेयी सरकार में मंत्री भी थे।

2002 के बाद से पासवान हमेशा से यही कहते रहें हैं कि राजग में शामिल होना उनकी सबसे बड़ी भूल थी। यहां तक की साल 2013 में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने भाजपा को भारत जलाओ पार्टी तक कह दिया था।

पिछले चुनाव यानी 2009 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करके पासवान ने चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं निकाल पाए। यह कांग्रेस की रहमत थी कि पासवान को राज्यसभा तक पहुंचा कर सांसद बना दिया।

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