...और लोकसभा में मोदीमय हो गए राम विलास पासवान
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लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान लोजपा प्रमुख और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान मोदीमय हो गए। कभी गोधरा कांड के विरोध में अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले पासवान न केवल इस मामले में पीएम मोदी का बचाव किया, बल्कि लगे हाथ कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले भी किए।
उन्होंने गोधरा कांड को भूलने की नसीहत देते हुए कहा कि देश जब आपातकाल, सिख विरोधी दंगों और मुजफ्फरनगर दंगे को भूल सकता है तो गोधरा कांड को क्यों नहीं। इतना ही नहीं भाषण के क्रम में जब एक सदस्य ने उन पर वंशवाद का आरोप लगाया तो पासवान सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह पर हमला कर बैठे।
उन्होंने सवाल किया कि चिराग को आगे बढ़ाने पर हमला करने वाले राहुल गांधी को आगे बढ़ाने वालीं सोनिया और अपने परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाने वाले मुलायम के मामले में चुप्पी क्यों साध लेते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की जमकर की तारीफ
अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में अपनी बात रखते हुए पासवान पूरी तरह से मोदीमय हो गए। उन्होंने गोधरा कांड पर मोदी को घेरने को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि विपक्ष को आम चुनाव में देशव्यापी नमो-नमो के शोर से सबक सीखना चाहिए।
उन्होंने टोका-टोकी कर रहे विपक्षी सांसदों पर तीखे वार करते हुए कहा कि आपको सोनिया और राहुल के नाम पर वोट नहीं मिला। लेकिन भाजपा को मोदी के नाम पर वोट मिला है तो मैं बार-बार मोदी का नाम क्यों न लूं।
पासवान ने कहा कि गोधरा कांड मामले में मोदी पर हमला बोलने वालों को याद रखना चाहिए कि इस घटना के 12 साल बाद वहां कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। पासवान ने कहा कि मोदी के नेतृत्व मे लड़े गए इस चुनाव में भाजपा व उसके सहयोगियों को 336 सीटें मिली हैं। तो क्या यह मान लिया जाए जिन लोगों ने इतनी भारी संख्या मे जीत दिलाई है, वे सभी सांप्रदायिक हैं।
भाजपा ने नारा दिया था कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत। सबका साथ-सबका विकास। देश की जनता ने जात-पात के भेदभाव से ऊपर उठकर एनडीए को वोट दिया है। हमें उसका सम्मान करना चाहिए।