सोनिया गांधी का केस लड़ने से जेठमलानी का इंकार
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पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी का केस लड़ने से मना कर दिया है।
उन्होंने सोनिया गांधी से कहा है कि इस मामले में राज्यसभा को बिल्कुल डिस्टर्ब न करें। यदि आप निर्दोष हैं तो फैसला कोर्ट पर छोड़ दें। तब मैं आपका केस फ्री में लड़ने को भी तैयार हूं।
बता दें कि जेठमलानी ने 10 दिसंबर 2015 को सोनिया गांधी को पत्र लिख कर उनका केस लड़ने की पेशकश की थी लेकिन जब सोनिया गांधी ने संसद चलने देने की उनकी सलाह नहीं मानी तो इसे वापस ले लिया। जेठमलानी ने भाजपा और कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों के रहते देश में काला धन की वापसी संभव नहीं है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली को भ्रष्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि जेटली ने देश को धोखा दिया है। कहा, ‘जुबां पर नाज था जिनके वो बेजुबान निकले।’ गुरुवार को शहर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए राम जेठमलानी ने देर रात ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि राज्यसभा का चलना संविधान की जरूरत है। नेशनल हेराल्ड का मामला कोर्ट में ही हल होगा। इसलिए इस मुद्दे पर राज्यसभा बाधित करना ठीक नहीं।
यूपी में राहुल गांधी का करिश्मा असंभव
बता दें कि गुरुवार को जेठमलानी ने सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्रों को अपने ब्लॉगस्पॉट पर रखा है। उन्होंने गांधी से कहा था कि उन्हें न तो फीस की जरूरत है और न ही उनसे किसी तरह की मदद की अपेक्षा है। उन्होंने लिखा था, ‘मेरी सेवा देश के लिए सेवा होगी।’
जेठमलानी ने कहा कि भाजपा का लोकसभा चुनाव के पहले विदेश से काला धन ले आने का वादा सिर्फ मजाक था। जेठमलानी ने कहा कि वर्तमान में सभी पार्टियां भ्रष्ट हैं इसलिए तीसरी पार्टी सत्ता में आएगी तभी देश का भला होगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को प्रधानमंत्री पद का बेहतर उम्मीदवार बताते हुए जेठमलानी ने 2017 के यूपी चुनाव में राहुल गांधी के करिश्मे की बात को खारिज कर दिया।
कहा कि यूपी में राहुल गांधी का करिश्मा असंभव है। साथ में जोड़ा कि अखिलेश सिंह यादव अच्छा कर रहे हैं। वह फिर सत्ता में आएंगे। कांग्रेस से ज्यादा भाजपा खराब है। भाजपा सरकार में लोग सच बोलने की ताकत नहीं रखते हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर भी तीखे प्रहार किए।
उन्होंने बार एसोसिएशन को और दमदार होने की वकालत की और नए वकीलों से कानून की ज्यादा से ज्यादा जानकारी रखने को कहा। सरकार और बार के सशक्त न होने के कारण गरीबों को मुश्किल से न्याय मिल पा रहा है। देश की न्यायपालिका सबसे ईमानदार है।