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धर्मपुत्र के बाद सामने आई मोदी की धर्म बहन

Thu, 07 Aug 2014 01:46 PM IST
Updated Thu, 07 Aug 2014 01:46 PM IST
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rakhi sister wants to meet narendra modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई छिपे रिश्ते इन दिनों सुर्खियों में हैं। चंद दिनों पहले उनका धर्मपुत्र सामने आया था और अब धर्म बहन सामने आ गई है।

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भले ही ये रिश्ते खून के नहीं, लेकिन मोदी ने इन्हें खून के रिश्तों से कमतर नहीं समझा।

धर्मबहन के साथ भी उन्होंने सगे भाई जैसा ही रिश्ता निभाया। रिपल पटेल पिछले 10 सालों से नरेंद्र मोदी को राखी बांध रही हैं। (फोटोः इंडिया टूडे के सौजन्य से)

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रिपल ने ‌लिखा मोदी को पत्र

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रिपल की इच्छा है कि इस रक्षाबंधन को भी वो मोदी की कलाई पर राखी बांधे।

रिपल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और राखी बांधने की आज्ञा मांगी है। मोदी ने अब तक पत्र का जवाब नहीं दिया है, लेकिन रिपल को भरोसा है क‌ि उन्हें इस बार भी प्रधानमंत्री को राखी बांधने का मौका मिलेगा।

2004 से बांध रही राखी

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रिपल ने 2004 में मोदी को पहली बार राखी बांधी थी। वह उन दिनों चौथी कक्षा की छात्रा था। एक दिन उसने मोदी को टीवी पर देखा और उसने अपने पिता से कहा कि वह मोदी को राखी बांधना चाहती है। मोदी उन दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

बेटी की इच्छा को पूरा करने के लिए रिपल के पिता ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक फैक्स भेजा।

अगले ही दिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें फोन कॉल आई। मोदी ने रिपल को राखी बांधने के ‌लिए बुलाया था। रिपल तब से ही मोदी के साथ धर्म बहन को रिश्ता निभा रही है।

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नेपाल में है मोदी का धर्मपुत्र

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चंद ‌दिनों पहले मोदी को धर्मपुत्र सामने आया था। नेपाल के मामूली परिवार में जन्मे जीत बहादुर की 1998 में संयोगवश मोदी से मुलाकात हुई। जीत बहादुर 1998 में अपने भाई के साथ दिल्‍ली आया था।

भाई ने उसे राजस्‍थान में काम दिला दिया। लेकिन काम उसे रास नहीं आया।

जीत ने नेपाल जाने के लिए गोरखपुर की ट्रेन पकड़ी थी लेकिन गलती ने वह अहमदाबाद पहुंच गया। अहमदाबाद में एक महिला ने उसे मोदी से मिलवाया था। मोदी ने जीत की पढाई-लिखाई का खर्च उठाया। 2011 में नेपाल के एक व्यापारी के जर‌िए मोदी ने जीत को उसके परिवार से मिलवा दिया था।

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