नाराज मारिया बोले, 'मैं दे सकता हूं इस्तीफा'
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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और मौजूदा डीजी होमगार्ड राकेश मारिया ने सार्वजनिक तौर पर अपने आकस्मिक ट्रांसफर पर कुछ नहीं बोला लेकिन उनका चेहरा उनकी भावनाएं बयां कर रहा था।
राकेश मारिया का मानना है कि यह ट्रांसफर एक राजनैतिक चाल है और यह सब शीना बोरा हत्याकाण्ड की जांच करने की वजह से भी हो सकता है। ये बात उन्होंने अंग्रेजी अखबार The Times Of India से कही।
मारिया ने कहा कि इस मामले में इंद्राणी और उसके ड्राइवर के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश कदम ने उन्हें बताया कि इंद्राणी 'हाई-फाई अंग्रेजी' बोल रही है और उसके रवैये पुलिस को अपमानित करने वाले हैं।
मैं इंद्राणी से कभी नहीं मिला
मारिया ने कहा कि इसके बाद उन्होंने खुद इंद्राणी से पूछताछ करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हर पूछताछ के बाद वो महाराष्ट्र गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस को उससे अवगत कराते रहते थे।
मारिया ने अपने पूर्व अधिकारी सत्यपाल सिंह के उस आरोप को बकवास करार दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि मारिया और पीटर मुखर्जी के नजदीकी रिश्ते हैं जिसकी वजह से इस केस में मारिया इतनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
मारिया ने अपने कार्यकाल में बहुत से बड़े मामले हल किए हैं जिनमें 1993 मुंबई बम काण्ड भी शामिल है। राकेश मारिया ने अपने बच्चों की कसम खाते हुए कहा कि मैं कभी भी इंद्राणी और पीटर मुखर्जी से अपने पूरे जीवन में कभी नहीं मिला हूं।
पहली बार देखा दोनों को
मैंने इंद्राणी को पहली बार तब देखा जब उसे
गिरफ्तार कर के खार पुलिस स्टेशन लाया गया था। उन्होंने कहा कि मैंने पहली
बार पीटर मुखर्जी को पूछताछ वाले दिन सोमवार को देखा।
मारिया के मुताबिक
सत्यपाल सिंह को इस बात का असंतोष है कि जब उन्होंने सन् 2013 में फोर्स
छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे, तब उन्हें उनके बांद्रा स्थित पुलिस
बंगले से बेदखल करने के लिए मैंने पहल की थी।
मारिया, 1993 ब्लास्ट केस,
गेटवे ब्लास्ट 2003, और नीरज ग्रोवर केस कुछ ऐसे मामले हैं जो उन्होंने हल
किए जबकि वो एक जासूसी कहानी की तरह थे।
प्रमोशन का कर रहे थे इंतजार
अंग्रेजी अखबार The Times Of India को राकेश मारिया ने बताया कि 'हां मैं इस्तीफा देने के लिए सोच रहा हूं। लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार के बात करने के लिए मना कर दिया।'
वहीं उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि वो इस साल जुलाई में ही इस्तीफा देना चाहते थे जब पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के साथ उनकी तस्वीर सामने आई थी लेकिन वो DGP पद पर अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे।
मारिया ने कहा कि उन्होंने सरकार से दरख्वास्त की है कि उन्हें कोई गैर कार्यकारी पद दे दिया जाए।