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जानिए, राजू के सपा का टिकट लौटाने की पूरी कहानी

Thu, 13 Mar 2014 02:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 13 Mar 2014 02:14 PM IST
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raju srivastava and sp playing politics over kanpur ticket

समाजवादी पार्टी ने काफी पहले तय कर लिया था कि कानपुर के रण में उनकी तरफ से मुकाबला करने के लिए मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को उतारा जाएगा।

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इस फैसले पर हैरानी भी हुई और सपा के एक तबके ने कुछ ऐतराज भी जताया। कहा गया कि मसखरे को अगर कानपुर जैसी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा, तो जीतना मुश्किल हो जाएगा। यह भी कहा गया कि राजू बाहरी हैं और किसी स्थानीय नेता को यह मौका दिया जाना चाहिए।
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दो दिन पहले यह साफ हो गया कि राजू श्रीवास्तव कानपुर से चुनाव नहीं लड़ेंगे। राजू ने कहा कि उन्हें जमीनी स्तर पर अपने ही दल के नेताओं का साथ नहीं मिल रहा, इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते। लेकिन अब इस मामले में नया खुलासा हो रहा है।
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समाजवादी पार्टी का नया दांव

raju srivastava and sp playing politics over kanpur ticket

गजोधर भइया का कहना है कि वह सपा का चुनावी टिकट लौटा रहे हैं, क्यों‌कि कानपुर में उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा। अपनी ही पार्टी के नेता विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अनुशासन की भारी कमी है।

राजू श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने नेताजी (सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव) को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देखा था, लेकिन अगर ऐसे होता रहा, तो यह मुमकिन नहीं लगता।

मशहूर कॉमेडियन ने जब टिकट लौटाया, तो यह भी साफ कर दिया‌ कि वह समाजवादी पार्टी छोड़ रहे हैं। जाहिर है, कॉमेडी की तुलना में सियासत कहीं ज्यादा मुश्किल है और राजू को यह समझ आ गया है। लेकिन इसके बाद सपा ने नया दांव खेला, जो राजू को लपेटने वाला है।

टिकट लौटाया या कट गया?

raju srivastava and sp playing politics over kanpur ticket

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने जो कहा, उससे साफ होता है कि दोनों पक्षों के बीच कोई न कोई कशमकश जरूर चल रही थी। उन्होंने कहा, "हमने टिकट राजू श्रीवास्तव को दिया था, लेकिन चुनाव गजोधर लड़ना चाहते थे।"

इस तंज के पीछे काफी-कुछ छिपा है। दरअसल, अग्रवाल इशारा कर रहे हैं कि राजू को कॉमेडियन की अपनी छवि से बाहर‌ निकलकर गंभीरता से चुनाव प्रचार में जुटना चाहिए था, लेकिन वो चीजों को हल्के में ले रहे थे।

अग्रवाल ने आगे कहा, "हकीकत यह है कि हम राजू श्रीवास्तव का ‌टिकट काटने वाले थे और ऐसा लगता है कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिल गई। इसलिए उन्होंने साख बचाने के लिए कह दिया कि वो टिकट लौटा रहे हैं।"

मोदी जपने लगे हैं राजू

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राजू श्रीवास्तव ने सपा का टिकट लौटाया या पार्टी ने उनका टिकट काटा, असलियत कुछ खास लोगों को ही पता है। लेकिन इतना साफ है कि कॉमेडियन का लाल टोपी और मुलायम के समाजवाद से मोहभंग हो गया है।

और उनका झुकाव अब भाजपा की तरफ दिख रहा है। जब उनसे नरेंद्र मोदी की तथाकथित लहर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मोदी की लहर तो दिख रही है। उनकी रैलियों में भीड़ इस बात का अंदाजा देती है।"

सियासत की कोई खबर नहीं। कल को अगर राजू साइकिल से उतरने के बाद कमल थाम लें, तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन यह तय है कि कानपुर में सपा को काफी नुकसान हो चुका।

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