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प्राथमिक विद्यालय के पांचवीं के छात्र को याद हैं 95 तक पहाड़े

Tue, 18 Aug 2015 03:11 PM IST
Updated Tue, 18 Aug 2015 03:11 PM IST
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rajnish have strong memory power, remember table till 95

महज पांच साल की उम्र में बुनियादी सामान्य ज्ञान की समझ और नौ साल में 95 तक पहाड़ा जुबान पर। यही नहीं, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान की किताब के एक-एक पाठ पर पूरी पकड़। यह बात तब और चकित करती है, जब ऐसे मासूम गांव के परिषदीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हों। है यह सोलह आने सच। सुरियावां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बनकट के ये बच्चे कान्वेंट की चमक-दमक से भरी और महंगी शिक्षा को मात दे रहे हैं।

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यहां एक-दो नहीं बल्कि 12 मेधावी अन्य विद्यालयों के लिए नजीर पेश कर रहे हैं। जिले के एक हजार से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की तरह ही प्राथमिक विद्यालय, बनकट में भी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन शिक्षकों की कड़ी मेहनत के बूते इस विद्यालय का शैक्षणिक माहौल अन्य परिषदीय विद्यालयों से बहुत बेहतर है। शायद यही वजह है कि गरीबी में पल रहा हलवाई का बेटा पढ़-लिखकर कुछ करना चाहता है तो चाट-फुल्की बेचकर परिवार की आजीविका चला रहे शख्स का पुत्र पायलट बनकर जिंदगी की असली उड़ान भरने का सपना पाले हुए है।
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कक्षा एक के छात्र आदित्य प्रजापति (पुत्र उमेश चंद्र) को सामान्य ज्ञान, बेसिक शिक्षा के अलावा जहां 50 तक पहाड़ा बेहिचक याद है वहीं पांचवीं के छात्र आशुतोष प्रजापति (पुत्र सुंदर प्रजापति) ने अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान की पूरी किताब ही रट डाली है। वह संस्कृत के पाठ और उनके प्रश्नों के उत्तर धाराप्रवाह बताता है। विद्यालय के सबसे तेज तर्रार पांचवीं के छात्र रजनीश कुमार गुप्ता (पुत्र मानिक चंद्र गुप्ता) ने 95 तक पहाड़ा याद करने के साथ ही देश-विदेश से संदर्भित सामान्य ज्ञान, गणित, अंग्रेजी में गहरी पकड़ हासिल कर ली है।

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कान्वेंट स्कूल के बच्चे कहीं टिक ही नहीं पाते

rajnish have strong memory power, remember table till 95

रजनीश के पिता जहां चाट-फुल्की बेचकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं वहीं आशुतोष के पिता किसान हैं और आदित्य के पिता हलवाई। इन बच्चों के अलावा कक्षा एक की ज्योति व आदर्श, कक्षा दो के शैनी व आदर्श, तीन के राजू व काजल, कक्षा चार की भूमिका, काजल व आयुष और कक्षा पांच के ओंकार, आसिया व सिवानी की मेधा के आगे कान्वेंट स्कूल के बच्चे कहीं टिक ही नहीं पाते।

100 तक पहाड़ा बताने पर सम्मानित होगा रजनीश
बेसिक शिक्षा कार्यालय में चार माह पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय एक समारोह में रजनीश गुप्ता की मेधा से बेहद प्रभावित हुए थे। उस दौरान रजनीश से 80 तक पहाड़ा सुनने के बाद उन्होंने सौ तक पहाड़ा याद करने पर उसे कार्यालय बुलाकर सम्मानित करने की घोषणा की थी। शिक्षक डा. ओम प्रकाश मिश्रा और रजनीश दोनों ने उस चुनौती को स्वीकार किया और वर्तमान समय में रजनीश 95 तक पहाड़ा याद कर चुका है।

विद्यालय में हैं महज तीन शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय बनकट में 151 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस विद्यालय में महज तीन शिक्षक हैं। हेडमास्टर हैं डा. ओम प्रकाश मिश्र, जबकि पुनीत तिवारी और सुरेंद्र कुमार यादव सहायक अध्यापक हैं। डा. ओम प्रकाश मिश्र, हेडमास्टर, प्राथमिक विद्यालय, बनकट में प्राथमिक विद्यालय बनकट में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे गरीब परिवार से हैं। यहां सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जा रही है। बच्चे पढ़ाई को लेकर इतने उत्साहित रहते हैं कि उन्हें विद्यालय के समय के अलावा भी पढ़ाने का प्रयास किया जाता है। अभाव में पल रहे इन बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस इन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है।

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