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BJP में टेंशनः जसवंत पर राजनाथ ने तोड़ी चुप्पी, सुषमा को करारा जवाब

Wed, 26 Mar 2014 05:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 26 Mar 2014 05:14 PM IST
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rajnath speaks on jaswant issue, counters his party collegue sushma

भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को राजस्थान के बाड़मेर से टिकट न मिलने पर पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि जसवंत को टिकट न देने का कुछ अलग कारण रहा होगा, क्योंकि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उन्हें बाड़मेर से टिकट न देने पर कोई फैसला नहीं हुआ था।

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पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सुषमा स्वराज की इस बात का खंडन किया है। उन्होंने कहा, ''जसवंत सिंह को बाड़मेर से टिकट देने पर केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा की गई थी और यह निर्णय राजनीतिक मजबूरियों की वजह से लिया गया है।''
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राजनाथ के मुताबिक, "चाहते तो हम सब भी थे कि उन्हें बाड़मेर से टिकट दिया जाए, लेकिन वो संभव न हो सका।"

'हम भी चाहते थे उन्हें टिकट देना'

rajnath speaks on jaswant issue, counters his party collegue sushma

राजनाथ सिंह ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम सब जसवंत सिंह को टिकट देना चाहते थे, लेकिन उन्हें बाड़मेर से टिकट देना हमारे लिए मुमकिन नहीं रह गया था।

सिंह ने कहा, ''जसवंत सिंह ने उन्हें बाड़मेर से चुनाव लड़ाने की बात कही थी और मैंने उनसे वादा किया था कि मैं इस बारे में राजस्‍थान भाजपा से बात करूंगा, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों की वजह से उन्हें टिकट नहीं दिया जा सका।''

जब सुषमा स्वराज के बयान के बारे में उनसे पूछा गया, तो उन्होंने ज्यादा विस्तार में कहने से मना कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि राजस्‍थान की सभी सीटों के बारे में केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा की गई थी।

'असामान्य हालात में असामान्य फैसला'

rajnath speaks on jaswant issue, counters his party collegue sushma

राजनाथ ने एक तरफ जसवंत सिंह को उनकी मर्जी के मुताबिक बाड़मेर से टिकट न देने पर दुख जताया, तो दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि असामान्य हालात में असामान्य फैसले करने पड़ते हैं।

पूरे इंटरव्यू के दौरान पार्टी अध्यक्ष राजनीतिक मजबूरियों का रोना रोते रहे, लेकिन उन्होंने किसी भी बात पर विस्तार से बात करने से मना कर दिया। इससे यह तो साफ है कि अंदरूनी झगड़ों से हमेशा जूझने वाली भाजपा फिर कलह की शिकार हो रही है।

इस बार पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि बीजेपी जीतेगी और मोदी लहर अपना काम करेगी। इसीलिए वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी हो या फिर संतों से मुंह फेरना हो, जीतने के लिए सब कुछ किया जा रहा है।

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