पाकिस्तान और चीन को राजनाथ की खरी-खरी
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान और चीन द्वारा सीमा उल्लंघन को भारत हल्के में नहीं लेगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
झारखंड में कई चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारे पड़ोसी चीन और पाकिस्तान अक्सर हमारी सीमा में घुसते रहते हैं। चीन जब चाहता है तब हमारी सीमाओं का उल्लंघन करता रहा है लेकिन अब उन्हें भारतीय क्षेत्र में घुसने दीजिए। हमें इसे हल्के में नहीं लेंगे। हम अपने पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं लेकिन यदि कोई देश हमें आंख दिखाना चाहेगा तो हम उसका करारा जवाब देंगे।"
पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन पर गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सफेद झंडे नहीं मुंहतोड़ जवाब देने का निर्देश दिया है।
चीन द्वारा पाकिस्तानी की सेना को प्रशिक्षित करने की रिपोर्ट के बारे में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि भारत ने इस बारे में पड़ोसी देश से विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि चीन से पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होने को कहा गया है।
जम्मू में रिजिजू ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पहले ही चीनी सरकार के समक्ष विरोध जता दिया है। उल्लेखनीय है कि बीएसएफ की खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि रजौरी जिले से लगे एलओसी के पार पीओके में चीनी सैनिक पाकिस्तानी सैनिकों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
एक अन्य सवाल पर रिजिजू ने कहा कि चीन के साथ लगे एलएसी क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग लद्दाख और एलएसी से सटे क्षेत्रों में रहते हैं वे भी भारतीय हैं और उन्हें भी विकास का पूरा अधिकार है।
पाक की चाहत, जल्द शुरू हो द्विपक्षीय वार्ता
दूसरी ओर पाकिस्तान को उम्मीद है कि भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता जल्द ही शुरू हो सकेगी।
भारत में पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने रविवार को कहा कि कूटनीति में कभी भी चीजें हमेशा के लिए बंद नहीं होतीं। उम्मीद है कि भारत के साथ जल्द ही बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को सीजफायर के समझौते का पालन करना चाहिए।
यहां हैदराबाद प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बासित ने कहा, "विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि कूटनीति में कभी भी कोई पूर्ण विराम नहीं होता। मैं भी उनसे सहमत हूं कि कूटनीति में आप कभी भी चीजों को पूरी तरह से बंद नहीं करते। इसलिए उम्मीद कीजिए कि जल्द ही बातचीत की संभावनाएं पैदा होंगी।"
अलगाववादियों से पाकिस्तान की बातचीत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कश्मीर एक समस्या है और दोनों को ही वहां शांति स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर समग्र वार्ता प्रक्रिया का ही हिस्सा है। इसलिए हमें उम्मीद है कि जब भी वार्ता की प्रक्रिया शुरू होगी, तो हम पिछली उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ने में कामयाब हो सकेंगे क्योंकि दोनों ही देशों का मुख्य उद्देश्य शांति है।
सीजफायर के उल्लंघन के मुद्दे पर पाक उच्चायुक्त ने कहा कि उनका देश इस संबंध में अलग राय रखता है, लेकिन साथ ही जोर दिया कि भारत-पाक को पिछले अनुबंधों का पालन करना चाहिए।