अकेला मैं करिश्मा नहीं कर सकता: राजनाथ

नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा Updated Fri, 25 Jan 2013 12:16 AM IST
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rajnath singh says i alone can not miracle

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भाजपा ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी और कार्यकर्ताओं के दम पर ही कांग्रेस को शिकस्त दी जा सकती है। इसी के जरिए भाजपा जनता का विश्वास जीत सकती है।
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उन्होंने कहा कि यह सोचना गलत है कि अध्यक्ष बनने के बाद वे अकेले ही कोई करिश्मा कर लेंगे। राजनाथ ने विशेष बातचीत में कहा कि यूपीए सरकार ने देश में जिस तरह के बुरे हालात कर दिए हैं, लोग पक्का कांग्रेस को सबक सिखाने का मन बना चुके हैं। पेश है उनसे बातचीत के अंश।

 
प्र- आपने तीसरी बार भाजपा की कमान थामी है। इस बार आप क्या-क्या मुख्य चुनौतियां मान रहे हैं ?
उ- किसी भी दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनाव होते हैं और चुनाव में सफलता पाने के लिए जन सामान्य का विश्वास पाना जरूरी होता है। इसलिए भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों पर जोर देगी। जनता के प्रश्नों का समाधान तलाशेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को अपने आचरण, आचार व व्यवहार को लेकर भी जनता में संदेश देना होगा कि भाजपा हमेशा ही मूल्यों की राजनीति करती है। आज कांग्रेस ने देश में जो हालात कर दिए हैं, उससे राजनेता, राजनीतिक पार्टियों व राजनीतिक व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास घट रहा है। इसे भी मै चुनौती मानता हूं और भाजपा इस चुनौती को स्वीकार करके लोगों का विश्वास लौटाने का प्रयास करेगी।

प्र- अब इस साल नौ राज्यों के चुनाव हैं और फिर भाजपा को लोकसभा के चुनाव में भी कूदना है। लगभग नौ साल से केंद्र की सत्ता से बाहर भाजपा की वापसी के लिए आपके पास क्या योजना है ?
उ- कांग्रेस के कुशासन, महंगाई, भ्रष्टाचार, आतंक आदि से लोग पहले से ही बेहाल हैं। यह सही है कि मैं भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अकेले ही रातों रात सब कुछ बदल दूंगा। मैं पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के सहयोग से कोशिश करूंगा और हम सब मिलकर ही लोगों की आशाओं को पूरा करेंगे। आज जनता भाजपा की ओर उम्मीद भरी निगाह से देख रही है।

प्र- नितिन गडकरी की टीम में युवा वर्ग को काफी प्रतिनिधित्व मिला था, अब कांग्रेस ने भी राहुल गांधी को आगे कर दिया है। आप अपनी टीम में युवा वर्ग को शामिल करने को लेकर क्या सोचते हैं?
उ- कांग्रेस की तुलना में भाजपा में ज्यादा युवा वर्ग पहले से ही सक्रिय है, लेकिन वह मध्यम या गरीब वर्गों से हैं। किसानों के बच्चे हैं। इसलिए उन पर किसी का ज्यादा ध्यान नहीं जाता है जबकि कांग्रेस में बडे़ बाप के बच्चे हैं।

प्र- भाजपा ने पार्टी का अध्यक्ष चुनने का मामला तो सुलझा लिया है। अब क्या भाजपा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी तय कर देगी?
उ- प्रधानमंत्री के उम्मीदवार को लेकर पार्टी का संसदीय बोर्ड फैसला करेगा। भाजपा में यह भी परंपरा है कि केंद्र में चुनाव के बाद चुने सांसद प्रधानमंत्री चुनते हैं और राज्यों में विधायक मुख्यमंत्री तय करते हैं।

प्र-भाजपा कहती है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है, मगर यूपी में तो भाजपा बहुत कमजोर हैं। अपने गृह प्रदेश में पार्टी को कैसे मजबूत करेंगे।
उ-यह कहना ठीक नहीं है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से ही होकर जाता है। मेरा मानना है कि देश की अखंडता व एकता के लिए दिल्ली का रास्ता प्रत्येक राज्य से होकर जाता है। उत्तर प्रदेश में हमारी प्रदेश इकाई पूरी तरह से सक्षम है। वे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर ऐसी योजना तैयार करने में जुटी हुई है ताकि जनता हम कर विश्वास करे।

प्र- केंद्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा को एनडीए का कुनबा भी बढ़ाना होगा, इसके लिए आप क्या करेंगे?
उ- पार्टी मजबूत होने पर एनडीए का कुनबा भी बढ़ जाएगा।

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