राजनाथ ने दी पाक को सीधी चेतावनी
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पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ जब मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत आए थे तो लगा था कि शायद अब दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलेगी लेकिन कुछ ही दिन बाद ये उम्मीद टूट गई और अब तनाव का पारा चढ़ रहा है।
भारतीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि वे पाकिस्तानी गृहमंत्री से मुलाकात नहीं करेंगे। इससे पहले मोदी ने भी कहा था कि पाकिस्तान ने अलगाववादियों से मुलाकात कर हमारी कोशिशों का तमाशा बना दिया।
दरअसल गृहमंत्री राजनाथ सिंह को नेपाल में सार्क देशों के सम्मेलन में पाकिस्तान गृहमंत्री से मुलाकात करनी थी लेकिन राजनाथ सिंह ने इससे इंकार कर दिया। इससे पहले रविवार को राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत ने 15 बार सफेद झंडे दिखाए लेकिन पाकिस्तान ने गोलियां चलाईं, अब गोलियों का जवाब सफेद झंडे से नहीं दिया जाएगा।
पाकिस्तान पर क्या बोले गृहमंत्री राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि वे पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान के साथ नेपाल में होने वाले सार्क देशों के सम्मेलन में मुलाकात और बात नहीं करेंगे।
इससे पहले माना जा रहा था कि दोनों देशों के गृहमंत्री अलग से बात कर सकते हैं। माना ये भी जा रहा था कि ये बातचीत सीमा विवाद और आतंकवाद जैसी समस्याओं को सुलझाने के लिए की जा सकती है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं की जा सकती। गृहमंत्रालय के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसा बंद नहीं कर देता तब तक उसे साथ कोई बातचीत करना संभव नहीं है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान को भारत के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है। गृहमंत्रालय के ट्विटर हैंडल पर भी इस बाबत सूचना दे दी गई है कि राजनाथ सिंह, पाक गृहमंत्री से मुलाकात नहीं करेंगे।
पाकिस्तान को ना दिखाए जाए सफेद झंडे: राजनाथ
हरियाणा के पलवल में रविवार की शाम बीजेपी की विजय संकल्प रैली में राजनाथ सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान बार-बार फायरिंग कर रहा है बादजूद इसके भारत शांति के लिए सफेद झंडे दिखा रहा है, लेकिन अब नहीं।
उन्होंने कहा कि,"बीएसएफ के डीजी ने मुझे बताया कि हमने 15 बार सफेद झंडे दिखाए लेकिन जवाब में पाकिस्तान की ओर से केवल गोलियां मिलीं। मैंने कहा है कि पाकिस्तान अगर बाज ना आए, गोलियां चलाए तो जवाब भी गोलियों से ही दिया जाए।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 10 सालों में ये धारणा बन गई थी कि भारत कमजोर देश है लेकिन अब मोदी के पीएम बनने के बाद पूरे विश्व की धारणा हमारे प्रति बदल गई है।
पिछले काफी दिनों से पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन करने की घटनाओं में तेजी आई है और भारत के कुछ जवान भी शहीद हुए हैं इसके बाद भारत ने यह रुख अपनाया है।
पाकिस्तान पर मोदी भी जता चुके हैं गुस्सा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पाकिस्तान के रुख पर असंतोष जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अलगाववादी नेताओं से बातचीत करके पाकिस्तान ने भारतीय कोशिशों का तमाशा बना दिया।
दरअसल भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात की जिस पर भारत को एतराज था। बासित ने यासीन मलिक और सैयद अली शाह गिलानी जैसे अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात की थी।
मोदी ने कहा कि विदेश सचिवों की बैठक से पहले जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से पाकिस्तानी उच्चायुक्त की बातचीत ठीक नहीं थी। मोदी के इस बयान के बाद ही भारत ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया।
भारत-पाक बातचीत: अब क्या होगा?
पहले मोदी और अब राजनाथ के बयान से साफ है कि भारत ने पाकिस्तान के प्रति कठोर रुख अपना लिया है। अब ऐसे में सवाल ये है कि आखिर अब क्या होगा? क्या भारत और पाकिस्तान बातचीत करेंगे?
मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ आए थे तो लगा था कि अब शायद सब ठीक हो जाएगा लेकिन अब सवाल एक बार फिर से सामने आ खड़ा हुआ है कि अब क्या? आखिर कब मिलेगा इस सवाल का जवाब?
कब होगी सीमा पर शांति? कब रुकेगा आतंकवाद और कब सीमा विवाद का हल निकलेगा? सवाल को कई हैं लेकिन फिलहाल किसी भी सवाल का कोई जवाब निकलता दिखाई नहीं दे रहा है।