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विवादों में BJP नेता, किस ‘आस्तीन के सांप’ की है साजिश?

Tue, 16 Jun 2015 01:30 PM IST
Updated Tue, 16 Jun 2015 01:30 PM IST
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rajnath singh nitin gadkari and sushma swaraj controversry

भ्रष्टाचार के आरोपी आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मदद पर जारी सियासी बवाल भाजपा में अंदरखाने जारी खींचतान को भी सतह पर ले आया है।

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पूरे मामले में हालांकि सरकार, संघ और भाजपा खुलकर विदेश मंत्री के साथ हैं, मगर इस बीच ट्विटर पर वार सरकार और पार्टी में जारी खींचतान की नई कहानी भी बयां कर रहे हैं।
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पार्टी और सरकार में जारी खींचतान की पुष्टि उस समय भी हुई जब विदेश मंत्री ने एक टीवी पत्रकार पर ट्विटर के जरिए नाम लेकर सीधा निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘देखिए कौन उपदेश दे रहा है (पत्रकार का नाम)।’
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बीजेपी के अंदरखाने चर्चा में 'आस्तीन का सांप'

rajnath singh nitin gadkari and sushma swaraj controversry

इससे पहले सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को ही ट्वीट के माध्यम से ही इस घटना के पीछे ‘आस्तीन का सांप’ के होने का आरोप लगा चुके थे और उन्हें तत्काल पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का साथ भी मिल चुका था।

दरअसल, केंद्र की सत्ता में मोदी सरकार के काबिज होने के बाद विवादों में घिरने वाली सुषमा तीसरी कद्दावर  मंत्री हैं। सबसे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उसके बाद नितिन गडकरी विवादों में घिरे थे।

पूर्व के दो मामलों की तरह ही इस मामले में भी पार्टी के एक कद्दावर नेता पर अंदर खाने सूचनाएं लीक करने का आरोप लगा था।

राजनाथ, गडकरी के बाद विवादों में आईं सुषमा

rajnath singh nitin gadkari and sushma swaraj controversry

तीनों ही मामलों में एक समानता यह भी है कि अंदरखाने विवाद के बावजूद सार्वजनिक तौर पर इन मंत्रियों को सरकार और पार्टी का साथ मिला था। इनमें गृह मंत्री के पुत्र से संबंधित सियासी गलियारे में चर्चा पर राजनाथ की सार्वजनिक नाराजगी जताने के बाद तो खुद प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बयान देना पड़ा था।

मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल में तीन बड़े मंत्रियों पर ही विवाद की गाज गिरी। राजनाथ के  बाद नए साल में नितिन गडकरी पूर्ति ग्रुप में कथित अनियमितताओं के पुराने मामले में नए खुलासों पर घिर गए।

तीसरी मंत्री के रूप में सुषमा भी ऐसे समय विवाद की शिकार हुई, जब सरकार के एक साल के कार्यकाल के दौरान उनके मंत्रालय के कामकाज को सर्वाधिक सराहा गया।   

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