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'राजनाथ सिंह सेक्यूलरिज्म का मतलब नहीं जानते'

Sat, 28 Nov 2015 04:34 AM IST
Updated Sat, 28 Nov 2015 04:34 AM IST
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rajnath singh don't understand meaning of secularism

उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि देश के गृह मंत्री सेक्यूलरिज्म का मतलब नहीं जानते हैं। वो सेक्यूलरिज्म का मतलब धर्मनिरपेक्षता की बजाय पंथनिरपेक्षता बता रहे हैं। ये देश की बदनसीबी है कि गृह मंत्री को सेक्यूलरिज्म का मतलब पता न हो।

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उन्होंने कहा कि ये लोग सेक्यूलरिज्म शब्द को हटाने की बात कर रहे हैं। उनके दिल में कमजोर, उपेक्षित, दलितों और पिछड़ों के लिए जो नफरत थी, उसे देश की सबसे बड़ी पंचायत में जाहिर कर दिया है।
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शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने अभिनेता आमिर खान का बचाव करते हुए कहा कि आमिर खां के जिस बयान को बुनियाद बनाया गया, वो एतराज आमिर खान का नहीं है। ये एतराज उनकी पत्नी किरण का है, जो शादी से पहले हिंदू थीं। हमारी उस हिंदू बेटी को लगा कि यहां उसके बच्चों की जान, उनकी आबरू और उनके मुस्तकबिल को खतरा है।

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'बूढ़ों को जीने का हक नहीं'

rajnath singh don't understand meaning of secularism

उस बेटी ने चाहा की वो हिंदुस्तान छोड़ दें और किसी और देश में चली जांए। राजनाथ सिंह को इसका संज्ञान लेना चाहिए। इस प्रकरण ने साबित कर दिया कि वाकई सहनशीलता की कमी है। पूरे देश में पुतले फूंके जा रहे हैं, पोस्टर जलाए जा रहे हैं।

आजम खां ने दिल्ली की शाही मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी पर भी निशाना साधा। कहा कि उनके बेटे जो नायब हैं और आने वाले वक्त में शाही इमाम बनेंगे। उनको एक हिंदू से इश्क हो गया। अब शादी भी हो गई है। हैरत इस बात की है कि किसी ने भी लव जिहाद का नाम नहीं लिया। आरएसएस, बीजेपी, बजरंग दल क्यों चुप है।

उन्होंने कहा कि गवर्नर ये कहते हैं कि बूढ़ों को जीने का हक नहीं है, उन्हें पेंशन कहां से दी जाए। गवर्नर साहब ने अपनी उम्र नहीं देखी कि उनकी उम्र क्या है? सभी लोगों को सभी सेक्यूलर ताकतों को लामबंद होने की जरूरत है।

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