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राजनाथ सिंह: शिक्षक से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर

Wed, 23 Jan 2013 12:59 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 23 Jan 2013 12:59 PM IST
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rajnath singh career from teacher to national politics

कॉलेज के प्रोफेसर से देश की राजनीति तक का सफर तय करने वाले राजनाथ सिंह का नाम देश और उत्तर प्रदेश की सियासी गलियों में अनजाना नहीं है। अपने सभी भाषण हिंदी में देने वाले राजनाथ सिंह वर्तमान में यूपी के गाजियाबाद से सांसद हैं। किसान नेता के रूप में पहचान रखते हुए राजनाथ सिंह को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की कमान सौंपी गई है।

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प्रोफेसर से करियर की शुरुआत
यूपी में बनारस के पास चंदौली जिले में 10 जुलाई 1951 को एक साधारण किसान परिवार में जन्मे राजनाथ सिंह प्रतिभाशाली विद्यार्थी रहे। 13 साल की उम्र से ही राजनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा में जाना शुरू कर दिया। गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री लेने के बाद उन्होंने मिर्जापुर के केबी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में भौतिकी के लेक्चरर पद पर कार्य किया। बचपन से ही आरएसएस से जुड़ने के कारण राजनाथ सिंह के कदम खुद ब-खुद राजनीति की ओर चल पड़े।
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राजनीतिक सफरनामा
इमरजेंसी के दौरान कई महीनों तक जेल में बंद रहने वाले राजनाथ सिंह को 1975 में जनसंघ ने मिर्जापुर जिले का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद राजनाथ सिंह की पकड़ उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूत होती गई। 1988 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुना गया। 1991 में जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की पहली सरकार बनी तो राजनाथ सिंह को शिक्षा मंत्री का पद दिया गया। राजनाथ सिंह 1994 में राज्यसभा के लिए चुने गए। 1997 में उन्होंने उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान संभाली और 28 अक्टूबर 2000 से 8 मार्च 2002 तक राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
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आरएसएस के चहेते
राजनाथ सिंह आरएसएस की पसंद हमेशा से रहे हैं। आरएसएस से राजनाथ सिंह की नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लालकृष्ण आडवाणी के जिन्ना प्रकरण में उलझने के बाद उन्हें ही पार्टी की कमान सौंपी गई। राजनाथ सिंह 2005 से 2009 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। यूपी में शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने एंटी-कॉपिंग एक्ट लागू करवाया। इसके अलावा वैदिक गणित को भी गणित की विषय सूची में शामिल करवाया। भाजपा के लिए राजनाथ सिंह कई बार संकटमोचक की भूमिका निभा चुके हैं।

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