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राजनाथ ने बचाई जनरल वीके सिंह की कुर्सी
विनोद अग्निहोत्री/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Mar 2015 10:53 AM IST
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पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस में शामिल होने के बाद अपने ट्वीट के जरिए विवाद पैदा करने वाले विदेश राज्य मंत्री जनरल(रि) वी.के. सिंह की मंत्री पद से लगभग छुट्टी हो गई थी, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वी.के.सिंह की कुर्सी बचा दी। हालाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश राज्य मंत्री से इतना नाराज थे कि वह उनसे इस्तीफा लेने का मन बना चुके थे। राजनाथ का तर्क था कि इस समय मंत्री से इस्तीफा लेने का संदेश गलत जाएगा।
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यह जानकारी देने वाले सरकार के उच्चस्तरीय सूत्रों ने बताया कि विदेश राज्य मंत्री के इस अप्रत्याशित कदम से कूटनीतिक मोर्चे पर भारत सरकार की जो किरकिरी हो रही थी, उससे प्रधानमंत्री मोदी बेहद असहज हो गए। क्योंकि एक तरफ वह पाकिस्तान के साथ गतिरोध दूर करके रुकी बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कवायद में जुटे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने न सिर्फ पाकिस्तानी उच्चायुक्त की कश्मीरी अलगाववादी हुर्रियत नेताओं के साथ लगातार मुलाकातों को अनदेखा किया, बल्कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस पर हुर्रियत नेताओं की मौजूदगी के बावजूद देश की ओर से विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह को वहां भेजकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की। लेकिन सिंह के ट्वीट ने मोदी के कूटनीतिक प्रयासों को झटका दे दिया। इससे पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत सरकार की स्थिति अजीब हो गई।
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कांग्रेस ने विदेश राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करके मुद्दे को और गरमा दिया था। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री इसे लेकर बेहद खफा थे। शाम को अपने निवास सात रेसकोर्स रोड पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर उन्होंने इस मुद्दे पर गहन विचार विमर्श किया। इसके पहले ही उन्होंने सिंह का इस्तीफा लेने का मन बना लिया था। सूत्रों के मुताबिक वी.के. सिंह को इस्तीफा देने केलिए तैयार रहने के संकेत भी मिल गए थे। तब उन्होंने इसे लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात करके अपनी सफाई भी दी। गौरतलब है कि जनरल सिंह को राजनीति में लाकर अपने पुराने लोकसभा क्षेत्र गाजि़याबाद से चुनाव लड़ाने वाले राजनाथ सिंह ही हैं।
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यह जानकारी देने वाले सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल की बैठक में जब प्रधानमंत्री ने विदेश राज्य मंत्री के रवैए से नाराजगी जताते हुए उनसे इस्तीफा लेने की बात कही, तो सभी चुप हो गए। लेकिन राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसा करने से संदेश गलत जाएगा और विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मौका मिल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश राज्य मंत्री को पाकिस्तान उच्चायोग भेजकर सरकार ने कूटनीतिक शिष्टाचार निभा दिया।
प्रधानंमत्री ने भी पाकिस्तान को बधाई दी। जहां तक विदेश राज्य मंत्री के ट्वीट का सवाल है तो यह मीडिया की अपनी व्याख्या हो सकती है। सिर्फ ट्वीट के आधार पर इस्तीफा लेना उचित नहीं है। राजनाथ के इस रुख के बाद माहौल बदल गया और तय किया गया कि तुरंत वी.के. सिंह मीडिया में अपनी सफाई देंगे। इसके बाद विदेश राज्य मंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर अपनी सफाई दी और सारे विवाद का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया।