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अटल का नाम दिलाएगा राजनाथ को जीत?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 16 Mar 2014 01:00 PM IST
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लखनऊ से राजनाथ के नाम पर मुहर लग गई है और उन पर नवाबी रंग भी चढ़ता दिखने लगा है। आज उन्होंने एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट की है जिसमें लखनऊ की झलक देखी जा सकती है।
उन्होंने ट्वीट करके पार्टी को लखनऊ से टिकट देने के लिए धन्यवाद दिया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों की नगरी लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी की कर्मस्थली है। भाजपा 1991 से यहां लगातार जीत रही है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी का ग्राफ ऊपर उठता दिख रहा है और माना जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह यह मौका चूकना नहीं चाहते।
यहां से चुनाव लड़ने के पीछे एक कारण ये भी है कि राजनाथ शायद यह जताना चाहते हैं कि वे अटल की विरासत संभाल सकते हैं।
राजनाथ के सामने कांग्रेस से रीता बहुगुणा जोशी, सपा से अशोक वाजपेयी और बसपा से नकुल दुबे मैदान में हैं। मुकाबले में तीन ब्राह्मण चेहरे होने से यह सीट भाजपा के लिए आसान नहीं रह गई है।
पिछले चुनाव में लालजी टंडनब मुश्किल 38 हजार वोटों से ही जीत सके थे। इस बार भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान व गुटबाजी के चलते वोट बिखर सकता है।
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उन्होंने ट्वीट करके पार्टी को लखनऊ से टिकट देने के लिए धन्यवाद दिया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों की नगरी लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी की कर्मस्थली है। भाजपा 1991 से यहां लगातार जीत रही है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी का ग्राफ ऊपर उठता दिख रहा है और माना जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह यह मौका चूकना नहीं चाहते।
यहां से चुनाव लड़ने के पीछे एक कारण ये भी है कि राजनाथ शायद यह जताना चाहते हैं कि वे अटल की विरासत संभाल सकते हैं।
राजनाथ के सामने कांग्रेस से रीता बहुगुणा जोशी, सपा से अशोक वाजपेयी और बसपा से नकुल दुबे मैदान में हैं। मुकाबले में तीन ब्राह्मण चेहरे होने से यह सीट भाजपा के लिए आसान नहीं रह गई है।
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पिछले चुनाव में लालजी टंडनब मुश्किल 38 हजार वोटों से ही जीत सके थे। इस बार भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान व गुटबाजी के चलते वोट बिखर सकता है।
I am thankful to my party for giving me opportunity to contest elections from Lucknow, the city of rich heritage & Sh. Atalji's karmabhoomi.
— Rajnath Singh (@BJPRajnathSingh) March 16, 2014
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