बीजेपी ने लगाई वादों की झड़ी
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दिल्ली तख्त को लेकर आश्वस्त दिख रही भाजपा ने कहा है कि सत्ता में आने पर खाद्य सुरक्षा की तर्ज पर मेडिकल सुरक्षा के अधिकार का कानून लाएगी।
रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सम्मेलन में पार्टी ने भावी सरकार को लेकर अपना रोडमैप सामने रख दिया।
यूपीए सरकार को लगभग हर मोर्चे पर विफल बताने के साथ ही भाजपा ने ऐलान किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ढांचागत क्रांति के अधूरे रह गए मिशन को नरेंद्र मोदी पूरा करेंगे।
वाजपेयी का गुणगान
कंपकंपाती ठंड के बीच रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद लोकसभा की सियासी जंग में उतरने के लिए रणनीति बनाने की बजाए चुनावी वादे करती ज्यादा दिखी।
सुशासन, विकास, स्थिरता और सुरक्षा का वादा करने के साथ ही भाजपा ने कहा कि वह वाजपेयी की तरह बेहतर सरकार देगी, जिसने छह साल के शासन में महंगाई को नियंत्रण में रखा।
ठंडे बस्ते में पड़ी नदियों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना पर फिर से अमल करने का ऐलान किया। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के उद्घाटन भाषण से लेकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के पेश आर्थिक प्रस्ताव में भाजपा अपना रोडमैप पेश करती दिखी।
सस्ती दर पर कर्ज
राजनाथ ने किसानों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों से लेकर उद्यमियों व युवा वर्ग के लिए वादे किए। राजनाथ ने कहा सत्ता में आने पर भाजपा किसानों को उनकी कृषि उपज की सही कीमत देगी, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देगी, सस्ती दर पर कर्ज देने के साथ ही किसान बाजार बनाएगी।
लंबे समय से संसद में लंबित महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पारित कराने का प्रयास करेगी। नौजवानों से कहा कि उनकी ताकत का सदुपयोग करने के लिए भाजपा के पास कार्ययोजना है।
कर दाताओं से इनकम टैक्स की जटिलताएं व परेशानियां दूर करने का वादा किया। काला धन को वापस लाने का भी वादा किया है।
फिर लौटेगा स्वर्णिमकाल
देश की आर्थिक बदहाली के लिए यूपीए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराते हुए जेटली ने कहा कि अटल सरकार के स्वर्णिमकाल को भाजपा फिर लौटाएगी, जब पूरी दुनिया कहती थी कि निवेश के लिए सबसे बेहतर भारत है।
उन्होंने मोदी की ओर मुखातिब होकर कहा कि ऐसी बदहाल अर्थव्यवस्था को संभालना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
आर्थिक प्रस्ताव में एक ओर एनडीए शासन की उपलब्धियों का बखान था तो दूसरी ओर यूपीए सरकार के दौरान 8.4 से घटकर 4.8 फीसदी तक जा पहुंची विकास दर से लेकर बेलगाम महंगाई, भ्रष्टाचार का उल्लेख कर कांग्रेस पर जमकर हमले किये गए।
आर्थिक प्रस्ताव पेश करते हुए जेटली ने कहा कि संसाधनों पर अधिकार मजहब के आधार पर नहीं होगा, बल्कि पहला हक गरीबों का होगा।
जबकि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ दलितों से बजट में उनके लिए योजनाओं का पैसा लैप्स न होने देने का कानून बनाने तथा आदिवासियों को जल, जंगल व जमीन के अधिकार देने का वादा किया है।