केजरीवाल की उम्मीदें पूरी कर पाएंगे गांधी?
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आप ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित के खिलाफ पूर्वी दिल्ली से महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी को उम्मीदवार बनाया है।
संदीप दीक्षित लोकसभा में कांग्रेस के मौजूदा सांसद हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी सूची जारी नहीं की है। मगर संभावना यही है कि संदीप दीक्षित ही पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे।
राजमोहन 21 फरवरी को ही ‘आप’ में शामिल हुए थे। उस समय यह भी चर्चा थी की उन्हें भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ गुजरात से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
दिल्ली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में आप ने पूर्वी दिल्ली क्षेत्र की पांच सीटें जीती थीं। इससे साफ है कि इस क्षेत्र में आम आदमी पार्टी का जनाधार अच्छा है।
संदीप दीक्षित बना पाएंगे हैट्रिक?
कांग्रेस और भाजपा ने बेशक पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन आप के राजमोहन गांधी के मैदान में उतरने से मुकाबला रोमांचक होना तय है। कांग्रेस अगर मौजूदा सांसद संदीप दीक्षित पर भरोसा जताती है तो सत्ता विरोधी लहर के बीच उनकी हैट्रिक की राह में राजमोहन गांधी बड़ा रोड़ा हो सकते हैं।
ईस्ट दिल्ली संसदीय सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है। कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित यहां से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। पिछली बार सीधे मुकाबले में उन्होंने पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी प्रत्याशी चेतन चौहान को हराया था। संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस संदीप दीक्षित तीसरी बार चुनाव लड़वाएगी। वहीं, बीजेपी अभी अपने प्रत्याशी की की तलाश कर रही है।
पार्टी का मानना है कि दिल्ली की ज्यादा शैक्षिक मतदाताओं की सीटों से एक पूर्वी दिल्ली पर इनकी शख्सियत को भुनाया जा सकता है। दूसरी तरफ विधानसभा चुनावों को अगर संकेत माना जाए तो पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट की पांच सीटें आप के खाते में हैं। वहीं, तीन पर भाजपा और दो पर कांग्रेस ने कब्जा किया है। अगर रुझान विधानसभा चुनावों जैसा रहा तो राजमोहन को बढ़त हासिल है। लेकिन कई बार संसदीय चुनाव परिणाम विधानसभा से उलट रहा है।
बिन्नी अब खेलेंगे कैसा खेल?
आम आदमी पार्टी के लिए उसके बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी रोड़ा बन सकते हैं। लक्ष्मी नगर से विधायक बिन्नी की पूर्वी दिल्ली सीट गुर्जर मतदाताओं में अच्छी पकड़ है, वहीं आप सरकार से नाराज लोगों को भी इलाके में एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर बिन्नी का समर्थन कांग्रेस या भाजपा के पक्ष में जाता है तो राजमोहन गांधी की मुश्किल बढ़ सकती है।
कौन जीता और कब जीता यहां से?
पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट:
1967-71-------हरदयाल देवगन-------भारतीय जन संघ
1971-77-------एचकेएल भगत-------कांग्रेस
1977-80-------किशोरी लाल-------जनता पार्टी
1980-84-------एचकेएल भगत-------कांग्रेस
1984-89-------एचकेएल भगत-------कांग्रेस
1989-91-------एचकेएल भगत-------कांग्रेस
1991-96-------बैकुंठ लालशर्मा-------भाजपा
1996-97-------बैकुंठ लाल शर्मा-------भाजपा
1997-98-------(उपचुनाव)-------लाल बिहारी तिवारी-------भाजपा
1998-99-------लाल बिहारी तिवारी-------भाजपा
1999-2004-------लाल बिहारी तिवारी-------भाजपा
2004-09-------संदीप दीक्षित-------कांग्रेस
2009-पदस्थ-------संदीप दीक्षित-------कांग्रेस