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विवाद के बाद राजीव शुक्ला ने लौटाई जमीन
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Dec 2013 07:25 PM IST
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केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने मुंबई के जुहू में उन्हें आवंटित हुई जमीन को लेकर उठे विवाद को देखते हुए जमीन नहीं लेने का फैसला किया है।
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संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने 4 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी सोसायटी को आवंटित जमीन वापस ले ली जाए क्योंकि अतिक्रमण की वजह से वहां कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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राजीव शुक्ला ने कहा, ‘वास्तव में जो जमीन आवंटित की गई थी, उस पर झुग्गी झोपड़ियों वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है और पिछले पांच साल में तमाम प्रयासों के बावजूद इसके खाली नहीं किया जा सका है।
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इसलिए सोसायटी इसका कब्जा लेकर कोई निर्माण कार्य शुरू ही नहीं कर पाई।’
उन्होंने दावा किया कि भूमि आवंटन में किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं बरती गई और इसी प्रावधान के तहत सैंकड़ों एजुकेशन सोसायटी को जमीन आवंटित की जाती है। जमीन की कीमत को लेकर कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि इस पर प्राथमिक स्कूल बनाया जाना था।
भाजपा के नेता किरिट सोमैया ने एक दिन पहले आरोप लगाए थे कि महाराष्ट्र सरकार ने शुक्ला की एजुकेशन सोसायटी को दो प्लाट दान में मुहैया करा दिए हैं। जबकि इनकी बाजार कीमत काफी ज्यादा है।
उन्होंने यह भी कहा था कि आवंटन से संबंधित फाइल भी राज्य के राजस्व विभाग से गायब है। सोमैया ने कहा था कि बीएजी फिल्म्स एजुकेशन सोसायटी का पंजीकरण अक्तूबर, 2006 में हुआ और जुलाई, 2007 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने ‘स्पेशल केस’ के तहत शुक्ला की कंपनी को जमीन आवंटित कर दी।