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राष्ट्रपति के खुलासे पर राजीव के बचाव में दिग्विजय

Sat, 30 Jan 2016 09:11 AM IST
Updated Sat, 30 Jan 2016 09:11 AM IST
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'Rajiv is not behind opening locks of Ayodhya Temple'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के इस बयान से असहमति जताई है कि राम जन्मभूमि स्थल का ताला खोलना पूर्वप्रधानमंत्री राजीव गांधी का गलत फैसला था।

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दिग्विजय के मुताबिक यह काम राजीव ने नहीं किया। यह अदालत का फैसला था। हालांकि उन्होंने यह कहा कि मंदिर स्थल पर शिलान्यास करना राजीव गांधी का गलत निर्णय हो सकता है। राष्ट्रपति ने अपनी किताब में अयोध्या में राम मंदिर विवाद समेत कई मुद्दों पर बात की है। इसी में उन्होंने राजीव गांधी को लेकर टिप्पणी की है, जबकि बाबरी ढांचा ध्वंस को विश्वासघात वाला काम बताया है, जिसकी वजह से भारत की छवि खराब हुई।
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दिग्विजय ने राजीव का तो बचाव किया है लेकिन इस बात से सहमत हैं कि ढांचा ध्वंस तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सबसे बड़ी असफलता थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने राहुल गांधी के इस साल पार्टी अध्यक्ष बनने की उम्मीद जताई। दिग्विजय ने साफ किया कि कांग्रेस संसद के बजट सत्र में अरुणाचल प्रदेश तथा दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या का मामला उठाएगी। 
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राजीव ने सीमित जानकारी से लिए निर्णय : पित्रोदा

'Rajiv is not behind opening locks of Ayodhya Temple'

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब के विमोचन के साथ ही उसमें राजीव गांधी के रामजन्म स्थल के ताले खोलने के फैसले पर की गई टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया आने लगी है। टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा ने पूर्व प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि वह सीमित जानकारी के साथ काम कर रहे थे। पित्रोदा ने शुक्रवार को कहा, ‘हर निर्णय सीमित जानकारी पर आधारित होता है। मैं जो निर्णय ले रहा हूं, उसके बारे में मेरी जानकारी उनकी जानकारी से अलग होगी।

यदि मुझे कोई निर्णय लेने दिया जाए तो अब से पांच साल बाद आप उसकी आलोचना कर सकते हैं। सबसे अच्छी चीज यह होगी कि लोग उस समय निर्णय का सम्मान करें।’ उन्होंने कहा कि भारत में हर कोई घटना के बाद उसका विश्लेषण और आलोचना करना चाहता है।

राजीव गांधी के लंबे समय तक सलाहकार रह चुके पित्रोदा से जब पूछा गया कि क्या शाहबानो पर लिया गया फैसला मुस्लिम तुष्टिकरण से प्रभावित था तो उन्होंने कहा कि शायद। जिसने यह निर्णय लिया और उस वक्त यह सही था। हालांकि उन्होंने माना कि ये फैसले राजनीतिक थे।

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