राजीव हत्याकांड: नलिनी ने फिर खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में दोषी नलिनी श्रीहरन ने फिर से मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आजीवन कारावास की सजा काट रही नलिनी ने कोर्ट से अपनी समय पूर्व रिहाई के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया है।
वेल्लोर में महिलाओं की विशेष जेल में सजा काट रही नलिनी 24 साल से अधिक समय से जेल में है। उसे पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने 24 अप्रैल 2000 को उसकी सजा आजीवन कारावास में तब्दील कर दी।
इस योजना के तहत मांगी रिहाई
नलिनी ने याचिका में कहा है कि आजीवन कारावास की सजा प्राप्त करीब 2200
दोषियों को 10 साल जेल में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया, लेकिन उसके
मामले पर इसलिए विचार नहीं किया गया क्योंकि वह सीआरपी की दूसरी धाराओं के
अंतर्गत आता है।
उसने कहा है कि राज्य सरकार ने 20 साल से अधिक की सजा काट
चुके दोषियों को रिहा करने की योजना बनाई, उस योजना के तहत भी उसे रिहा
नहीं किया गया।
इस योजना के तहत खुद को रिहाई के योग्य होने का दावा करते
हुए नलिनी ने कहा कि कोर्ट राज्य सरकार को उसकी याचिका पर विचार करते आदेश
दे। उसने इस योजना के तहत 22 अक्तूबर 2014 को राज्य सरकार के समक्ष रिहाई
का आवेदन किया था, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक उस पर फैसला नहीं किया है।