मां हो तो ऐसी, बेटे की हैट्रिक कर दी है पक्की!
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फिल्म दीवार में अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ा शशि कपूर का एक प्रख्यात डायलॉग राजस्थान की झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और दो बार से लगातार सांसद दुष्यंत सिंह पर बिलकुल सटीक बैठता है।
इस क्षेत्र में पेयजल समस्या, टूटी-सड़कों सहित कई अधारभूत समस्याएं कायम हैं, लेकिन दुष्यंत सिंह को उनकी मां राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव का फायदा पिछले दोनों चुनावों में जीत के रूप में मिला है।
इस बार भी इस क्षेत्र की जनता खुद उनकी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया को दिया है टिकट
दुष्यंत के विजयी रथ को रोकने के लिए कांग्रेस ने पिछली कांग्रेस सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे प्रमोद जैन भाया को टिकट दिया है, जो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
पिछली बार कांग्रेस ने भाया की पत्नी उर्मिला जैन को टिकट दिया था, जिन्हें दुष्यंत सिंह ने 52 हजार से अधिक मतों से हराया था।
झालावाड़-बारां सीट से लगातार दो बार से जीत रहे दुष्यंत सिंह सेफ जोन में है। दुष्यंत सिंह को मोदी लहर के साथ मुख्यमंत्री के पुत्र, राज परिवार से जुड़े होने तथा उनकी मां के नेतृत्व में भाजपा को विधानसभा चुनावों में 163 सीटों के साथ मिली ऐतिहासिक जीत के फायदे मिलने की पूरी उम्मीद है।
पांच बार वसुंधरा भी जीत चुकी हैं इस सीट पर
दुष्यंत सिंह की राह इस संसदीय क्षेत्र की आठों सीटों पर बैठे भाजपा विधायक भी आसान कर रहे हैं, जबकि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान ये आठों सीट कांग्रेस के पास थीं।
परिसीमन होने से पूर्व पुरानी झालावाड़ सीट पर वसुंधरा राजे भी पांच बार संसद की राह तय कर चुकी हैं। खास बात यह भी है कि इस सीट से पैनल में अकेले दुष्यंत सिंह का ही नाम भाजपा आलाकमान तक पहुंचा था।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया के सामने राजनीतिक साख बचाने का संकट खड़ा हुआ है। भाया इसी संसदीय क्षेत्र में आनेवाले अंता विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं।
कांग्रेसी भी नहीं दे रहे हैं भाया का साथ
यदि इस चुनाव में परिणाम भाया के हिसाब से नहीं आए, तो राजनीति में जगह बनाए रखने के लिए उनका संघर्ष काफी बढ़ जाएगा।
फिलहाल जीतने के लिए संघर्ष कर रहे भाया कांग्रेस शासन में प्रदेश में हुए विकास कार्यों व तीन माह में भाजपा सरकार की ओर से कोई काम नहीं किए जाने को मुद्दा बना रहे हैं।
भाया के साथ कांग्रेसी भी एकजुट नहीं है।
ये रहीं झालावाड़-बारां की मुख्य समस्याएं
कुल मतदाता - 16,59,089
पुरुष - 8,63,807
महिला - 7,95,282