फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rajbabbar asked question to student on ftii mater

'क्या एक चपरासी को प्रिंसिपल बनाना उचित है?'

Mon, 13 Jul 2015 09:14 AM IST
Updated Mon, 13 Jul 2015 09:14 AM IST
विज्ञापन
rajbabbar asked question to student on ftii mater

भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के चेयरमैन पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के विरोध में छात्रों की हड़ताल दूसरे महीने में प्रवेश कर गई है।

विज्ञापन


इस मामले में न छात्र अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार हैं और न ही सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाह रही है।

इस बीच आंदोलनरत छात्रों को फिल्म निर्माता कुंदन शाह और अजीज मिर्जा के रूप में बॉलीवुड से और समर्थन मिल गया है। रविवार को कांग्रेस ने भी तीखा विरोध जताया।

विज्ञापन

छात्रों के समर्थन में उतरे फिल्म निर्माता

rajbabbar asked question to student on ftii mater

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता राजबब्बर ने छात्रों के आंदोलन को उचित ठहराते हुए सवाल पूछा कि आखिर एक चपरासी को स्कूल का प्रिंसिपल बनाना कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि कोई अभिनेता बेरोजगार है, इसी तथ्य के आधार पर उसे किसी संस्थान पर थोपा जाना कहीं से भी ठीक नहीं है।

यह भी कहा जा रहा है कि खुद सूचना प्रसारण मंत्री ने माना है कि एफटीआईआई के मुखिया के तौर पर चौहान सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे।

ऐसे में प्रश्न उठना लाजिमी है कि सरकार ने किस आधार पर उनके नाम पर मुहर लगाई। वहीं कुंदन शाह और अजीज मिर्जा ने चौहान को पद से हट जाने की सलाह दी है।

संस्थान के पूर्व छात्र शाह ने चौहान की नियुक्ति को बेतुका निर्णय बताया। कहा कि यह मंत्रालय का शर्मनाक निर्णय है। उन्हें (गजेंद्र चौहान) कौन जानता है। ऐसे शख्य को नियुक्त कर सरकार क्या करना चाह रही है? यह बहुत दुखद है कि इतने विवाद के बाद भी वह पद से हटने को लेकर पूरी तरह अनिच्छुक हैं।

मिर्जा ने भी संस्थान के चेयरमैन को यही सुझाव दिया। उनके अनुसार चौहान को कोई भी पद पर नहीं चाहता है। इस्तीफा न देकर वे फ्लॉप शो दिखा रहे हैं।

शो बिजनेस में है 34 साल का अनुभव
गजेंद्र चौहान अपने खिलाफ हो रहे हमलों से पूरी तरह अविचलित हैं। उनका कहना है कि उनके पास शो बिजनेस में 34 साल का अनुभव है और इसी आधार पर उनकी नियुक्ति हुई है। चौहान शुरूआत से ही पद से हटने से इनकार करते रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed