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‘राइट टू रिकॉल’ के जरिए वोटरों ने पलटा नेताओं का फैसला
बारां/एजेंसी
Updated Fri, 14 Dec 2012 11:01 PM IST
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देश में पहली बार ‘राइट टू रिकॉल’ का इस्तेमाल कर आम जनता ने शातिर नेताओं को मात दे दी। राजस्थान के बारां जिले के मांगरोल में इस अधिकार के जरिए वोटरों ने नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाने के पार्षदों के फैसले को पलट दिया।
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अरविंद केजरीवाल की पार्टी से जुड़े हुए अशोक जैन तीन साल पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते थे और बाद में वह पालिकाध्यक्ष चुने गए।
मंगरोल नगर निगम में 20 में से 17 पार्षदों ने अशोक जैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। जैन ने इस प्रस्ताव के खिलाफ कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि उन्हें जनता ने चुना है और वही हटा सकती है।
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बुधवार को जब इस मुद्दे पर ‘राइट टू रिकॉल’ के तहत वोटिंग हुई, तो वोटरों ने अशोक जैन के पक्ष में वोट किए। वह जनमत संग्रह में 3488 वोट से विजयी रहे। वोटिंग में खाली कुर्सी के पक्ष में 3,755 और कुर्सी पर बैठे व्यक्ति के पक्ष में 7,243 वोट पड़े।
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