विधायक जी बोले उनका लड़का बने चपरासी
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भारत की राजनीति में नेता चाहते हैं कि उनकी विरासत को उनका लड़का या लड़की संभाले। पर देश में एक नेता ऐसे भी हैं कि जो चाहते हैं कि उनका लड़का अपनी योग्यता के हिसाब से नौकरी करें।
भाजपा विधायक हीरालाल वर्मा चाहते हैं कि उनका लड़का राजनीति में आगे चलकर हिस्सा न ले और अपनी योग्यता के अनुसार चपरासी की नौकरी के लिए खुद को तैयार करे।
गौरतलब है कि विधायक हीरा लाल वर्मा के लड़के ने कृषि उपज मंडी अजमेर में चपरासी के पद के लिए इंटरव्यू दिया था।
दो बार से टोंक जिले से विधायक हीरा लाल वर्मा राजनीति में आने से पहले राजस्थान सरकार में अधिकारी थे। उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि उनका लड़का अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी करें। साथ ही राजनीति में आगे चलकर शामिल न हो।
उन्होंने कहा कि मेरा लड़का हंसराज निवई में स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में काम करता है और 5,000 रुपए प्रतिमाह कमाता है। वह अपनी दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया। इसलिए उसकी योग्यता के अनुसार उसके लिए सिर्फ यहीं काम बचा है।
'अपनी योग्यता से ज्यादा का न करे काम'
अनूसूचित जाति से आने वाले हीरालाल वर्मा बताते हैं कि मैं नहीं चाहूंगा मेरा लड़का अपनी योग्यता से ज्यादा का कोई काम करें। जब विधायक से दूसरे विधायकों ये यह सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि यह कुछ अजीब सा है पर इसमें कोई अपराध नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं अपने बच्चों को कभी भी गलत तरीके से अच्छी जिदंगी जीने के लिए बढ़ावा नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि उनके लड़के का साक्षात्कार अच्छा हुआ और उसके प्रदर्शन के आधार पर ही उन्हें नौकरी मिलेगी।
हीरा लाल वर्मा ने तीन विषयों में परास्नातक की उपाधि हासिल की है। वह गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने बताया कि सोशल वेलफेयर विभाग में बतौर उपनिदेशक वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि सरकारी नौकरी पाने से हंसराज का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।
हीरा लाल वर्मा ने बताया कि उनका बड़ा लड़का बिजनेस मैन है। एक और लड़के ने अभी अपनी स्नातक की परीक्षा पूरी की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है जबकि बेटी अभी बी.एड की तैयारी कर रही है।