2जी घोटाले में राजा समेत 19 पर आरोप तय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल और बेटी कनिमोझी समेत 10 व्यक्तियों और 9 कंपनियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। विशेष अदालत ने ये आरोप 2जी घोटाले में हवाला से जुड़ी एक शिकायत में तय किए।
प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष अदालत को बताया कि आरोपियों ने हवाले के जरिए 200 करोड़ रुपए का लेनदेन किया था। रकम का इस्तेमाल डीबी समूह की कंपनियों को टेलीकॉम लाइसेंस देने के एवज में रिश्वत देने के लिए किया गया था। लाइसेंस ए राजा ने दिए थे, जो कि उस समय दूरसंचार मंत्री थे।
जांच एजेंसी ने कहा कि डीबी समूह ने डीएमके की स्वामित्व वाली कलाईनार टीवी को दो अन्य कंपनियों कुसेगांव फ्रुट्स एंड वेजिटेबल्स लिमिटेड और सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 200 करोड़ रुपए दिए। जांच एजेंसी ने कहा कि ये लेनदेन विशुद्घ व्यापारिक लेनदेन नहीं थी।
हवाला से हुआ 200 करोड़ का लेनदेन
हालांकि आरोपियों ने प्रवर्तन निदेशालय के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने जो भी आरोप लगाया है कि उसके संबंध में उनके पास सुबूत नहीं हैं।
राजा और कनिमोझी के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी ने जो दस्तावेज दिए हैं, उससे कहीं ये नहीं लगता कि वे वे डीबी समूह और कलाईनार टीवी के बीच 200 करोड़ की लेनदेन के हैं।
अन्य आरोपी स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद बलवा और विनोद गोयनका ने भी कहा कि जांच एजेंसी बिना प्रमाण के आरोप लगा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि कनीमोझी और कलाईनार टीवी एमडी शरद कुमार की टीवी चैनल में 20-20 फीसदी की हिस्सेदारी है, शेष 60 फीसदी दयालु अम्माल के पास हैं। सभी आरोपी इस समय जमानत पर जेल से बाहर हैं।