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80 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर जिंदा हैं या नहीं रेलवे कराएगा जांच

Mon, 22 Feb 2016 05:32 PM IST
Updated Mon, 22 Feb 2016 05:32 PM IST
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Railways want to run a check 2.8 lakh of its pensioners above 80 years, Railways want to run a check

रेल मंत्रालय जल्द ही ऐसे पेंशनरों की जांच कराने जा रहा है जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है। रेलवे में इस उम्र के लोगों की संख्या काफी ज्यादा है जाने की वजह से रेलवे ने यह फैसला किया है।

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रेलवे का मामना है कि इस वक्त वह जितने लोगों के पेंशन दे रहा है उनमें से 20 फीसदी ऐसे लोग हैं जिनकी उम्र 80 से 100 के बीच है। ऐसी स्थिति में अब उनका भौतिक निरीक्षण किया जाएगा कि क्या वे वास्तव में जीवित हैं या नहीं। इसके लिए मंत्रालय जांच अधिकारियों की नियुक्ति करेगा।
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इस महीने सौ से ज्यादा कल्याण निरीक्षकों की तैनाती की गई है जो इस आयु वर्ग के लोगों की जांच करेंगे। ये निरीक्षक सभी पेंशनरों के घर जाकर इस बात की पुष्टि करेंगे कि उक्त आयु वर्ग के पेंशनर वास्तव में जीवित हैं या नहीं। इसके लिए पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी।

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हर साल खर्च होते हैं 8,000 करोड़

Railways want to run a check 2.8 lakh of its pensioners above 80 years, Railways want to run a check

मौजूदा समय में भी यह प्रावधान है कि पेंशनर को हर साल बैंक में जाकर यह सत्यापित करवाना होता है कि वह जीवित है जिससे की उसके लगातार पेंशन मिलता रहे।

मंत्रालय के मुताबिक उनकी पहले की व्यवस्था ठीक से काम कर रही है लेकिन 80 से 100 साल के आयु वर्ग के पेंशनरों की इतनी बड़ी तादात होने की वजह से यह जांच जरूरी है।

इस वक्त रेलवे में 13,75,483 पेंशनर हैं जिनको पेंशन देने के लिए मंत्रालय को 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

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