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भ्रष्टाचार के मामले में सबसे तेज दौड़ रही है भारतीय रेल

Wed, 19 Dec 2012 08:49 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Wed, 19 Dec 2012 08:49 PM IST
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railways top the list in corruption says cvc

देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेल भ्रष्टाचार के मामले में सबसे तेज दौड़ रही है। साल 2011 में दुनिया के इस सबसे बड़े रेल नेटवर्क के अधिकारियों के खिलाफ करीब 9 हजार शिकायतें दर्ज की गईं। यह खुलासा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की वार्षिक रिपोर्ट में हुआ है।

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रिपोर्ट में रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल होने की सर्वाधिक 8,805 शिकायत के मामले सामने आए हैं। जबकि बैंक कर्मचारियों के खिलाफ 8,430 और आयकर अधिकारियों के खिलाफ 5,026 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
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इसके अलावा दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले कर्मियों के खिलाफ 4,783 और शहरी विकास मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ 3,921 भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज हुईं। भ्रष्टाचार की शिकायतों के मामले में सरकार का कोई भी मंत्रालय पीछे नहीं रहा।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में 2,960, दूरसंचार विभाग के खिलाफ 1918, पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ 1877, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के खिलाफ 1544 और कस्टम व उत्पाद शुल्क विभाग के खिलाफ 1296 शिकायतें दर्ज की गई।

हाल ही में संसद में पेश की गई इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर कार्यवाही करने में देरी करने के अलावा लापरवाही भी बरती गई। खासतौर से जिन मामलों में सरकारी विभाग के सीनियर अधिकारी लिप्त थे, उनमें जानबूझकर लापरवाही की गई।


रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सतर्कता मामलों पर कार्यवाही करने में देरी करना अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है।’ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के सबसे ज्यादा लंबित मामले दिल्ली सरकार के हैं, जिसके पास 182 शिकायतें लंबित हैं। दिल्ली नगर निगम में 156, डीडीए में 49, रक्षा मंत्रालय व बीएसएनएल में 48-48 मामले लंबित हैं।

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