महामना जैसी ट्रेनों का विस्तार करेगा रेलवे
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु नई ट्रेनों की घोषणाओं के शुरू से ही पक्षधर नहीं हैं। सांसदों के बेहद दबाव के बावजूद उन्होंने पिछले बजट में कोई नई ट्रेन नहीं चलाई।
संभावना इस बार भी यही है, लेकिन ज्यादा सुविधाओं के साथ महंगे किराए वाली ट्रेनें प्रभु के एजेंडे में हैं। खासतौर पर दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई गई महामना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर विचार बना है। आने वाले समय में रेलवे महामना या फिर उस जैसी चार ट्रेनों को चलाने की तैयारी में है।
हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि इन ट्रेनों को चलाए जाने की घोषणा प्रभु रेल बजट में करते हैं या फिर इनकी घोषणा बाद में की जाती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इन ट्रेनों के कोचेज भी रेलवे ने तैयार कराने शुरू कर दिए हैं। महामना में जिस तरह केकोच लगे हैं ठीक वैसे ही 200 एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच रेलवे आने वाले समय में तैयार कराने जा रहा है।
महामना जैसी चार और ट्रेनों को चलाने की तैयारी
अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि रेलवे इन ट्रेनों का नाम महामना के नाम पर ही रखेगा या फिर जिन राज्यों में ये ट्रेनें चलाई जानी हैं उनसे जुड़े महापुरुषों के नाम पर इनका नाम रखा जाएगा।
हालांकि यह तय है कि इन ट्रेनों का किराया आम ट्रेनों से 15 से 20 प्रतिशत अधिक होगा। सच्चाई यह भी है कि इस बार भी सांसदों ने रेल मंत्री पर अपने क्षेत्र के लिए आम किराए वाली नई ट्रेनों के चलाने और चलने वाली ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर जबरदस्त दबाव बनाया है।
खास बात यह है कि अभी तक महामना एक्सप्रेस में एसी-3 कोच नहीं लगाया गया है, लेकिन डिमांड को देखते हुए आने वाले समय में इस तरह की ट्रेनों में सिर्फ एसी-3 कोच ही नहीं बल्कि चेयर कार और एक्जीक्यूटिव क्लास चेयर कार भी लगाया जाएगा।
रेलवे आधुनिक सुविधाओं वाले ये कोच भोपाल और चेन्नई से तैयार करवा रहा है। महामना का रैक भोपाल से तैयार हुआ है। यहीं से 111 कोच बनवाए जा रहे हैं, जबकि 89 कोच इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) चेन्नई तैयार करेगा। एक कोच पर डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये की लागत आ रही है।