फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   railway freight would be costly from next month

रेल माल भाड़ा भी अगले महीने से होगा महंगा

Fri, 28 Sep 2012 12:55 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 28 Sep 2012 12:55 AM IST
विज्ञापन
railway freight would be costly from next month
रेल मंत्रालय ने 1 अक्तूबर से माल भाडे़ पर भी 3.6 प्रतिशत सेवा कर और शिक्षा उपकर वसूलने का आदेश दिया है। मालभाड़े पर सेवा कर लगाने का फैसला वर्ष 2010 के बजट में ही ले लिया गया था, लेकिन ममता बनर्जी के विरोध के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका था।
विज्ञापन


तृणमूल कांग्रेस के सरकार से हटने के बाद अब फटाफट रेल किराए से लेकर मालभाड़े की स्थगित की गई बढ़ोतरी को लागू करने का फैसला किया जा रहा है। गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय ने मालभाड़े पर 12 प्रतिशत की दर से सेवा कर तथा सेवा कर पर दो प्रतिशत शिक्षा उपकर (सेस) और एक प्रतिशत उच्च शिक्षा उपकर लगाने का फैसला लिया था।
विज्ञापन


साथ ही वित्त मंत्रालय ने रेलवे को मालभाड़े में 70 फीसदी की छूट देते हुए यह कर केवल 30 फीसदी भाड़े पर ही लगाने का फैसला लिया था। इस तरह कुल मालभाड़े पर सेवा कर व उपकर के रूप में 3.7 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना होगा। रेलवे बोर्ड में निदेशक ट्रैफिक (वाणिज्यिक) आशिमा मेहरोत्रा की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार रेलवे माल की डायरेक्ट बुकिंग के साथ ही कंटेनर तथा कंपनियों की ढुलाई पर भी सेवा कर वसूल करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस नये कर के लागू होने के बाद एक अनुमान के अनुसार 650 किमी. दूरी तक एक सीमेंट की रेक ले जाने पर लगने वाले कुल भाड़े में अब 80 से 90 हजार रुपये की वृद्धि हो जाएगी। रेल मंत्रालय ने सभी जोनल कार्यालयों को सर्विस टैक्स के लिए संबंधित विभाग में खाता खोलने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करने को भी कहा है। ताकि कस्टमर से वसूले गये सर्विस टैक्स को संबंधित खातों में जमाकर उन्हें सर्टिफिकेट दिया जा सके।


वित्त मंत्रालय ने रेलवे से ढुलाई किए जाने वाले कुछ सामानों पर सर्विस टैक्स में छूट भी प्रदान किया है। इनमें प्रमुख रूप से पेट्रोलियम पदार्थ, एलपीजी, कपास, चारा, अनाज, आटा एवं दालें, फल एवं सब्जियां, ग्रोसरी, जूट, मसाले तथा तेल आदि शामिल हैं। इनके अतिरिक्त ट्रेन से ढोए जाने वाले सभी सामानों पर रेलवे को सर्विस टैक्स व शिक्षा उपकर वसूलना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed