रेलवे का चौंकाने वाला कारनामा, कुत्ते को बना दिया 'घोड़ा'
अगर आपके कुत्ते का वजन 30 किलो से ज्यादा है और आप उसे लेकर ट्रेन से सफर का इरादा रखते हैं तो उसे घोड़ा मानिए। सुनने में यह अटपटा जरूर है लेकिन रेलवे के पार्सल घर में बुकिंग क्लर्क ने इसी आधार पर एक मुसाफिर के कुत्ते की बुकिंग कर डाली है।
क्लर्क ने एसी टू टियर के टिकट बराबर किराया भी वसूल लिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ मंडल के पार्सल घरों में बुकिंग क्लर्कों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
वाकया बरेली जंक्शन का है। राजेंद्रनगर के रोहित वर्मा बरेली-दिल्ली एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने ट्रेन के ब्रेक वैन में अपने जर्मन शेफर्ड को ले जाने के लिए पार्सल घर में बुकिंग कराई।
पशु-पक्षियों की बुकिंग में सावधानी बरतने के निर्देश
कुत्ते का वजन 30 किलो से ज्यादा निकला। बुकिंग क्लर्क ने रोहित को 750 रुपये की रसीद थमा दी। जब उन्होंने किराया इतना ज्यादा होने के बारे पूछा तो बुकिंग क्लर्क ने बता दिया कि 30 किलो से अधिक वजन होने पर कुत्ते को घोड़े की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में 30 किलो से अधिक वजन पर 60 रुपए प्रति किलो के हिसाब से अतिरिक्त किराया लगेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक जेपी सिंह ने बताया कि बरेली में हुई गड़बड़ी का मामला पता चलने पर सभी पार्सल प्रभारियों को पशु-पक्षियों की बुकिंग में ख़ास सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
ये हैं जानवरों के किराए की दरें
गोरखपुर से ब्रेक यान की दरें
स्थान दर
लखनऊ 101 रुपये
दिल्ली 218 रुपये
नोट : कुत्ते के बच्चे का वजन 10 किलो से कम है तो किराया आधा लगेगा।
बुकिंग के नियम
- कुत्ते का मालिक खुद भी उसी ट्रेन से सफर कर रहा हो।
- उसका जनरल या आरक्षित टिकट जरूर हो।
- रास्ते में कुत्ते के खाने-पीने का प्रबंध उसके मालिक को ही करना होगा।
- ट्रेन के गार्ड केबिन में डॉग बॉक्स हो।
एसी फर्स्ट में भी सुविधा
पालतू कुत्ते को एसी फर्स्ट में भी ले जाने की सुविधा है। इसके लिए यात्री को पूरा कूपा यानी चारों बर्थ बुक करानी होगी।