रेलवे कर्मचारियों के आए बुरे दिन, 300 की गई नौकरी!
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रेलवे बोर्ड में ठेके पर काम करने वाले 300 चतुर्थ कर्मचारियों की सेवा खत्म कर दी गई है। इन कर्मचारियों को रेलवे बोर्ड ने आउटसोर्स कर रखा था। सालों से ठेके पर काम कर रहे इन कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को रेलमंत्री सदानंद गौड़ा के निवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया व ज्ञापन दिया।
बाद में कर्मचारियों की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी ज्ञापन दिया गया। उल्लेखनीय है कि रेलवे सहित कई अन्य मंत्रालयों में चतुर्थ श्रेणी व सहायक पद पर कर्मचारियों की सीधी भर्ती न करके सालों से निजी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स किया जा रहा है।
जब भी कंपनी का ठेका संबंधित विभाग या मंत्रालय खत्म कर देते हैं तो कर्मचारियों को भी उनके काम से अलग कर दिया जाता है। भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर ठेका कर्मचारियों को आउटसोर्स करने वाली कंपनियों के कांट्रैक्ट को रद्द किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह से लगाई गुहार
रेलवे बोर्ड में इस समय 300 से ज्यादा ऐसे कर्मचारी नियुक्त हैं। इनमें से कुछ को जून महीने से काम से हटा दिया गया है, जबकि अन्य को इसी माह से हटाने की सूचना दी गई है। इस घटना से परेशान दर्जनों कर्मचारी रेलमंत्री के आवास पर पहुंचकर अपनी नौकरी बचाए जाने की मांग की।
रेलमंत्री को ज्ञापन देकर कर्मचारियों ने खुद को रेलवे में समाहित किए जाने की मांग की। दिनभर जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिलकर उन्हें अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन दिया।