दिवाली पर ट्रेन से जाना है घर, तो पहले पढ़ लें ये खबर
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अबकी त्योहारों पर घर पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। दीपावली और छठ पर घर आने वाले यात्रियों की जबरदस्त भीड़ के चलते महत्वपूर्ण ट्रेनों में अब से ही सीटें फुल हो गई हैं। दीपावली के पखवारे भर पहले से पखवारे भर बाद तक स्थितियां लगभग एक जैसी हैं।
दिल्ली-मुंबई की कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों में अलग-अलग तिथियों में नो रूम हो गया है। बाकी ट्रेनों में भी वेटिंग औसतन दो सौ के पार पहुंच चुकी है। रिजर्वेशन के लिए यात्रियों में मारामारी मचे होने से आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल भरे हो सकते हैं।
नवंबर माह के आखिरी तक प्रमुख ट्रेनों में बर्थ फिलहाल उपलब्ध नहीं है। यात्रियों के लिए अब तत्काल और प्रीमियम ट्रेनों का ही सहारा है। दिसंबर में ही कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
त्योहारों पर घर आने वालों का दबाव बढ़ने से रेलवे की कमाई बम-बम हो गई है लेकिन बर्थ के लिए मची मारामारी ने यात्रियों की नाक में दम कर रखा है। दीपावली 11 नवंबर को है, उसके बाद बिहार और पूर्वांचल का महत्वपूर्ण उत्सव डाला छठ है।
स्पेशल ट्रेनें भी नाकाफी
दिल्ली, मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले इन त्योहारों पर अपने घर जरूर आते हैं। यात्रियों के दबाव को देखते हुए चलाई जा रहीं स्पेशल ट्रेनें भी नाकाफी साबित हो रही हैं। रूटीन की ट्रेनों में भी जगह नहीं है।
दिल्ली-वाराणसी की महत्वपूर्ण ट्रेन शिवगंगा में नौ नवंबर को नो रूम हो गया है। जबकि, बाकी तिथियों में वेटिंग औसतन दो सौ के पार है। कमोबेश यही स्थिति वाराणसी-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस की भी है।
मुंबई से आने वाली महानगरी एक्सप्रेस में 13 नवंबर को नो रूम है। पवन एक्सप्रेस, जयपुर जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस में भी दीपावली के पखवारे भर बाद तक लंबी वेटिंग है।
बड़े शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों के साथ ही कृषक, चौरीचौरा एक्सप्रेस, दादर, इंटरसिटी में भी दीपावली के सप्ताह भर बाद तक कन्फर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों के दबाव को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
जरूरत के आधार पर प्रीमियम और क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी। हालांकि इस बारे में मंत्रालय से कोई आदेश नहीं आया है लेकिन इसकी योजना लगभग तैयार हो चुकी है।
मौका भुनाने में जुटे दलाल
त्योहारों पर यात्रियों के जबरदस्त दबाव को देखते हुए दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। मौका भुनाने के लिए हर तरह का तिकड़म आजमाया जा रहा है। मनमानी कीमत पर कन्फर्म बर्थ की सौदेबाजी की जा रही है।
फर्जी आईडी बनाकर बर्थ आरक्षित कराया जा रहा है। हालांकि रेलवे प्रशासन का दावा है कि दलालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। किसी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
क्लोन ट्रेनों का ही सहारा
रेलवे बोर्ड क्लोन ट्रेन चलाने को हरी झंडी दे देता है तो यात्रियों को राहत मिल सकती है। विभागीय उच्चाधिकारियों के मुताबिक इसकी योजना बनकर तैयार है।
जिन प्रमुख ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी, उन ट्रेनों के नाम पर उन्हीं स्टेशनों के बीच, उतने ही समय में गंतव्य तक पहुंचने वाली ट्रेनें चलाने पर विचार हो रहा है। पूरी संभावना है कि इसको मंजूरी मिल जाएगी।