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रेल मंत्रालय तक पहुंची शारदा घोटाले की आंच

Wed, 03 Sep 2014 12:59 PM IST
Updated Wed, 03 Sep 2014 12:59 PM IST
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rail ministry is under suspection in chit fund scam

पश्चिम बंगाल में करोड़ों के शारदा चिटफंड घोटाले की आंच अब रेल मंत्रालय तक भी पहुंचने लगी है। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के पास रेल मंत्रालय रहने के दौरान इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने शारदा टूर एंड ट्रैवल्स के प्रति काफी उदारता दिखाई थी।

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इस दौरान दोनों के बीच एक करार हुआ था। इन आरोपों से नाराज तृणमूल कांग्रेस भी अपने आरोप में आक्रामक हो गई है। पार्टी ने केंद्र पर सीबीआई का राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
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तृणमूल कांग्रेस महासचिव मुकुल राय ने कहा कि सीबीआई को पहले ‘कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन’ कहा जाता था। इस जांच एजेंसी के चरित्र में अब भी कोई बदलाव नहीं आया है।
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यह राजनीतिक संगठन के तौर पर काम कर रही है। मालूम हो कि विपक्षी राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया है कि आईआरसीटीसी ने शारदा टूर एंड ट्रैवल्स के प्रति काफी उदारता दिखाई थी। इस बारे में पूछने पर राय ने कहा कि उनको इसकी जानकारी नहीं है।

यह ठेका उनके रेल मंत्री बनने से पहले दिया गया था। उन्होंने कहा कि समुचित निविदा प्रक्रिया के तहत ही दोनों के बीच उक्त करार किया गया होगा।

मालूम हो कि राय से पहले दिनेश त्रिवेदी और उनसे पहले खुद ममता बनर्जी ही रेल मंत्री थीं यानी शारदा समूह के साथ करार तृणमूल कांग्रेस के पास मंत्रालय रहने के दौरान ही किया गया था।

पिछले वर्ष प्रकाश में आया था घोटाला

rail ministry is under suspection in chit fund scam

शारदा ग्रुप से जुड़े पश्चिम बंगाल के कथित चिटफंट का ये घोटाला पिछले वर्ष प्रकाश में आया था। घोटाले 2000 करोड़ के आसपास का बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि शारदा ग्रुप ने कथित फ्रॉड करके फंड का गलत इस्तेमाल किया है। ग्रुप ने अपनी पॉलसियों का गलत इस्तेमाल कर इन्वसटर्स को करोड़ाा का चूना लगाया है।

निवेशकों की प्रिंसिपल एमाउंट तक वापस नहीं की गई हैं। ताजा जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 80 पर्सेंट जमाकर्ताओं के पैसे का भुगतान किया जाना बाकी है।

घोटाले में कई राजनीतिक हस्तियों के नाम भी सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जांच की तलवार लटक रही है।

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