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रेल बजट: विजन 2030 से रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने का रोडमैप होगा पेश

Wed, 24 Feb 2016 05:09 PM IST
Updated Wed, 24 Feb 2016 05:09 PM IST
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Rail Budget 2016: Suresh Prabhu vision document on indian railway.

रेल बजट के साथ रेल मंत्री सुरेश प्रभु भारतीय रेल को वर्ष 2030 तक दुनिया का नंबर वन बनाने का रोडमैप भी देश के सामने रखेंगे। बताया जा रहा है कि इस दफे प्रभु के रेल बजट में मुख्य रूप से 140 बिंदू रहेंगे।

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विजन 2030 के जरिए वे भारतीय रेल को विश्वस्तरीय बनाने के लिए भविष्य में होने वाले सुधार को देश की जनता के सामने रखेंगे। पिछले वर्ष 2015-16 का रेल बजट पेश करते हुए प्रभु ने संसद को आश्वस्त किया था कि अगले वर्ष वे भारतीय रेल की कायाकल्प करने वाला विजन 2030 सदन के सामने रखेंगे।
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इसमें अगले 15 साल के बाद भारतीय रेल की तस्वीर कैसी होगी, उसे दर्शाया जाएगा। एकतरह से प्रभु का विजन 2030 भारतीय रेल की 15 बाद वाली तस्वीर को अभी से ब्यां करेगा। हालांकि रेल मंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने वर्ष 2009 में रेलवे की कायाकल्प करने के लिए विजन डाक्यूमेंट 2020 देश के सामने रखा था।
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मगर बंगाल का मुख्यमंत्री बनकर चले जाने के बाद उनका विजन डाक्यूमेंट रेल भवन की फाईलों में ही दबकर रह गया। लेकिन अभिनव प्रयोगों को आजमाने वाले सुरेश प्रभु ने उर्जा विभाग की तरह रेलवे की कायाकल्प का भी ताना-बाना बनाया है।

विजन 2030 से 15 साल की रणनीति की तस्वीर

Rail Budget 2016: Suresh Prabhu vision document on indian railway.

पिछले बजट में वे 8,56,020 करोड़ रूपए की लागत से अगले 5 साल की कार्ययोजना को सदन के सामने रख चुके हैं।

इस दफे वे रेल बजट के साथ विजन 2030 के जरिए अगले 15 साल बाद भारतीय रेल की वास्तविक स्थिति, रेलवे की चुनौती, जनता की आंकांक्षा और उससे निपटने के लिए सरकार के कदमों का पुलिंदा भी देश के सामने रखेंगे।

रेल मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार प्रमुख रेल मार्गों से दबाव हटाने के प्रयास में प्रभु पहले ही जुटे हुए हैं। मगर विजन 2030 इस बात पर जोर होगा कि भारतीय रेल को सुविधा और सुरक्षा सहित हर मायने में कैसे विश्वस्तरीय बनाया जाए।

यही नहीं देश के उन अछूते जिलों में भी रेल नेटवर्क के विस्तार की प्रतिबद्धता रहेगी, जहां के आबादी को अब तक रेल नेटवर्क देखना नसीब नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि 2030 तक भरतीय रेल न सिर्फ दुनिया की नंबर वन बनेगी बल्कि देश का कोई जिला नहीं बचेगा। जिसमें रेलनेटवर्क न हो। सरकार का प्रयास हर जिले में रेल नेटवर्क पहुंचाने पर रहेगा।

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