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प्रभु का रिपोर्ट कार्ड, कितनी बदली रेलवे की हालत

Wed, 24 Feb 2016 09:07 AM IST
Updated Wed, 24 Feb 2016 09:07 AM IST
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rail budget 2016-17

सुरेश प्रभु बृहस्पतिवार को रेल बजट पेश करने वाले हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने रेलवे को वर्ल्ड क्लास बनाने का वादा कर जनता से समर्थन मांगा था। मोदी सरकार का यह दूसरा रेल बजट है।

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पिछले रेल बजट से इस बजट तक रेल स्टेशनों पर सफाई, यात्री सहूलियतों और वादे-दावे की जब जमीनी पड़ताल की गई तो यह मालूम हुआ कि एक साल के भीतर ‘प्रभु कृपा’ से मोदी की रेल छुक-छुक गति से आगे बढ़ी है लेकिन अभी हाई स्पीड रफ्तार बाकी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़े वाराणसी कैंट स्टेशन की तस्वीर एक साल में काफी बदली है। साफ-सफाई में सुधार हुआ है। प्रतीक्षालय से लेकर डोरमेट्री और टॉयलेट तक को आधुनिक बनाया गया है। पूरे कैंट स्टेशन को एलईडी लाइट से रोशन किया गया, वहीं स्टेशन परिसर की सफाई मशीनों से होने लगी है।
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यहां एक साल के भीतर कई बदलाव हुए। 36 कमरे का वातानुकूलित प्रतीक्षालय बना, वहीं 12 बेड की डोरमेट्री को भी वातानुकूलित किया गया है।

इसी साल महामना एक्सप्रेस के रूप में बनारस के लोगों को रेलवे की बड़ी सौगात मिली। इसी तरह, मुगलसराय में जहां दो नए प्लेटफार्मों का निर्माण हुआ वहीं यात्री सुविधाओं के लिए सभी प्लेटफार्मों पर शेड और पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की गई।

वाराणसी चकाचक, आगरा वाई-फाई

rail budget 2016-17

दुनिया के अजूबों वाले ताज शहर आगरा कैंट वाई-फाई से लैस हुआ, वहीं स्टेशन 54 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। यहां डीलक्स टायलेट, आरओ प्लांट, एक्सक्लूसिव लॉन और बैटरी चालित वाहन की सहूलियतें भी हैं। स्टेशन पर मॉल और इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफोरमेशन सिस्टम का प्रस्ताव है, जिस पर अमल नहीं हो सका है।

लखनऊ में व्यवस्था जरूर बहुत अच्छी नहीं देखी गई। प्लेटफार्म नंबर एक को छोड़ दिया जाए तो चारबाग स्टेशन के अन्य प्लेटफार्मों की दशा बेहद खराब है। यहां रोशनी भी पर्याप्त नहीं।

उधर, लखनऊ जंक्शन के हाल बेहतर हैं। हर प्लेटफार्म साफ-सुथरा नजर आता है। बुजुर्ग यात्रियों के लिए बैटरीचलित कार्ट, यात्रियों के लिए बैठने के अच्छे इंतजाम, एलईडीसी स्क्रीन पर टाइमटेबल समेत अन्य सुविधाएं हैं।

इलाहाबाद जंक्शन की सफाई पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। रुटीन सफाई के अलावा हर मंगलवार को रेलवे सफाई अभियान भी चलाता है। साथ ही माह में एक बार संत निरंकारी फाउंडेशन की ओर से भी सफाई अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा गंदगी फैलाने वालों की धरपकड़ शुरू हुई है।

2015 में मंडल के इलाहाबाद, कानपुर, अलीगढ़ आदि स्टेशनों पर अभियान के दौरान 19703 यात्रियों को गंदगी फैलाने के आरोप में पकड़ा गया। यात्रियों से मौके पर ही 50 लाख 71 हजार 760 रुपये जुर्माना भी वसूला गया।

जम्मू की सफाई निजी हाथों में

rail budget 2016-17

2015 जम्मू के लिए उपलब्धियों का वर्ष रहा। बसंतर पुल बनने के बाद रेलवे स्टेशन जम्मू डबल ट्रैक से जुड़ा। जम्मू स्टेशन की सफाई दिसंबर से निजी कंपनी को सौंपी गई। वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा तक सीधी पहुंच आसान हुई। सितंबर 2015 में रेलवे ने अंडमान एक्सप्रेस के बाद 11 ट्रेनों का विस्तार कटड़ा तक किया।

अब रोज हजारों यात्री सीधे कटड़ा पहुंचे रहे हैं। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर नया आरक्षण केंद्र बना, वहीं प्लेटफार्मों  के ऊपर एक और फुट ओवरब्रिज बनाया गया है। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर हुई है। उधर, चंडीगढ़ में पिछले बजट में  दो प्लेटफार्म बनाने की घोषणा हुई थी। एक साल बीत गए और इस पर आधा काम ही हो पाया है।

प्रतीक्षालय का काम भी पूरा नहीं हो सका। यहां वेंडरों की दुकानों में सफाई कम है। बायो टायलेट लगने के बाद ट्रैकों की स्थिति में सुधार हुआ है। शिमला स्टेशन में दो महीने से सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है, लेकिन कई काम यहां आजादी के बाद से अधूरे हैं। लंबे समय से प्रस्तावित भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के लिए भी भूमि अधिग्रहण जरूर हो रहा है, लेकिन चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन भी कागजों में सिमट कर रह गया है। इसका सर्वे भी पूरा नहीं हो पाया है।

दिल्ली को हाई स्पीड नहीं

rail budget 2016-17

नई दिल्ली स्टेशन को वाई फाई से लैस किया गया, वहीं पेपरलेस टिकट मिलने लगा। प्रतीक्षालय के साथ स्वचालित सीढ़ियां भी लगीं। अभी आरओ वाटर मिलना बाकी है।

हालांकि ट्रायल के बावजूद सेमी हाईस्पीड ट्रेन के दौड़ नहीं पाने का यात्रियों को मलाल है। निजामुद्दीन स्टेशन पर डिस्पोजेबल बेड रोल के लिए आउटलेट खुल गया।

यहां पहले से सफाई व्यवस्था बेहतर हुई है। प्रतीक्षालय और रिटायरिंग रूम की संख्या बढ़ी है। अभी तक यह स्टेशन वाई-फाई से लैस नहीं है। स्टेशन का सेकेंड एंट्री गेट भी ठीक नहीं, वहीं पार्किंग की समस्या से निजात नहीं मिली। 

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